अब दुश्मन को बिना भनक लगे लद्दाख पहुंच सकेंगी सेनाएं, भारत बना रहा नई सड़क

अब दुश्मन को बिना भनक लगे लद्दाख पहुंच सकेंगी सेनाएं, भारत बना रहा नई सड़क
सेना को अब लद्दाख तक पहुंचने में आसानी होगी. (तस्वीर-ANI)

मनाली (Manali) और लेह (Leh) के बीच बनाई जा रही इस सड़क को भारत तैयार करवा रहा है. रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण इलाकों में सेना के जल्दी पहुंचने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 19, 2020, 5:48 PM IST
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नई दिल्ली. लद्दाख बॉर्डर (Ladakh Border) पर सेनाओं को जल्दी पहुंचाने के लिए भारत एक नई सड़क का निर्माण (New Road Construction) कर रहा है. मनाली (Manali) और लेह (Leh) के बीच बनाई जा रही इस सड़क को भारत तैयार करवा रहा है. न्यूज एजेंसी एएनआई पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत लद्दाख के अन्य सेक्टर्स की कनेक्टिविटी भी बेहतर करने के लिए तेजी के साथ काम कर रहा है. रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण इलाकों में सेना के जल्दी पहुंचने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है.

पुराने रास्ते से लगेगा कम समय, दुश्मन की निगाह से दूर रहेगी सेना
सरकार के एक सूत्र ने एएनआई को बताया है- मनाली से लेह तक वैकल्पिक कनेक्टिविटी के लिए एजेंसियां काम कर रही है. नए रास्ते के जरिए सेनाओं का लद्दाख पहुंचने में समय बचेगा. अभी तक श्रीनगर के जोजिला पास और अन्य रास्तों के जरिए सेनाएं लद्दाख का रास्ता तय करती थीं. इस सड़क से कम से तीन से चार घंटे का वक्त बचेगा. साथ ही विपक्षी देश पाकिस्तान और चीन सेना के इस मूवमेंट पर निगाह नहीं रख सकेंगे. इस रूट के जरिए सेनाओं के लिए टैंक और हथियार आसानी के साथ पहुंचाए जा सकेंगे.

1999 में करगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानियों ने बनाया था निशाना
गौरतलब है मौजूदा द्रास-करगिल-लेह के रास्ते को पाकिस्तानियों द्वार 1999 के करगिल युद्ध के समय निशाना बनाया गया था. इस इलाके में उस समय पाकिस्तान की तरफ से कई बार बमबारी की गई थी. सूत्रों का कहना है कि नई सड़क का काम शुरू भी किया जा चुका है.



लद्दाख में भारत ने बढ़ाया है फोकस, खुद पीएम भी जा चुके हैं
गौरतलब है कि पिछले चार महीने से चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के बीच भारत ने लद्दाख बॉर्डर पर अपना फोकस पहले से काफी ज्यादा बढ़ाया है. भारत इस क्षेत्र में अब लंबे समय की प्लानिंग के साथ काम कर रहा है. गलवान घाटी में हुए दोनों सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद अब सेनाएं पीछे तो हट गई हैं. लेकिन अब भी चीनी सेना अप्रैल से पहले वाली जगह पर नहीं गई है, अभी भारत के सामने चीन को पहले वाली जगह पर भेजना भी बड़ा चैलेंज है.
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