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तालिबानराज में मौत के साये में IMA प्रशिक्षित अफगान अधिकारी... क्या 'कुछ करेगा' भारत?

तालिबानराज में मौत के साये में IMA प्रशिक्षित अफगान अधिकारी... क्या 'कुछ करेगा' भारत?

इंडियन मिलिट्री अकादमी से प्रशिक्षित कई अफगान अधिकारी अभी अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं. (सांकेतिक तस्वीर-Reuters)

इंडियन मिलिट्री अकादमी से प्रशिक्षित कई अफगान अधिकारी अभी अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं. (सांकेतिक तस्वीर-Reuters)

Death Threat to Afghan officers trained in IMA: भारत में मिलिट्री, नेवी और एयरफोर्स की ट्रेनिंग अकादमी मित्र देशों के लिए कुछ सीटें रिजर्व रखती हैं जिससे इन देशों के सैनिक भी प्रशिक्षण हासिल कर सकें. ये कैडेट ट्रेनिंग के बाद अपने देश लौट जाते हैं. अफगानिस्तान भी भारत का कुछ ऐसा ही मित्र देश रहा है. भारतीय सेना के एक अधिकारी के मुताबिक, 'अफगानिस्तान के कैडेट स्वभाव से मिलनसार और बेहद मेहनती होते हैं. इस वक्त अफगानी अधिकारी अपने भारतीय बैचमेट्स को व्याकुल संदेश भेज रहे हैं.'

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    R BHAGWAN SINGH

    नई दिल्ली. अफगानिस्तान में तालिबान (Taliban) के निशाने पर आए इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) से प्रशिक्षित अफगान अधिकारी इस वक्त जान बचाने की गुहार कर रहे हैं. इन अधिकारियों के वॉट्सऐप मैसेज और वीडियो अपने बैचमेट भारतीय अधिकारियों के पास आ रहे हैं. एक भारतीय अधिकारी का कहना है कि हम समझ नहीं पा रहे हैं कि इन मुश्किल भरे संदेशों के साथ कैसे डील करें.

    नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया, ‘हमारा सैन्य संगठन इस बात को पसंद नहीं करेगा कि हम व्यक्तिगत निर्णय लेकर अपने बैचमेट्स की मदद करें. मिलिट्री में शीर्ष अधिकारियों तक पहुंचना बहुत मुश्किल है और इस मामले में वो ही निर्णय ले सकते हैं. संभवत: हम लोग राष्ट्रपति के एडीसी से संपर्क साध सकते हैं, जो एक मिलिट्री अधिकारी ही होते हैं. वो शायद इस मसले का कोई समाधान तलाश सकें.’

    बता दें कि भारत में मिलिट्री, नेवी और एयरफोर्स की ट्रेनिंग अकादमी मित्र देशों के लिए कुछ सीटें रखती हैं जिससे इन देशों के सैनिक भी प्रशिक्षण हासिल कर सकें. ये कैडेट ट्रेनिंग के बाद अपने देश लौट जाते हैं. अफगानिस्तान भी भारत का कुछ ऐसा ही मित्र देश रहा है. भारतीय सेना के एक अधिकारी के मुताबिक-अफगानिस्तान के कैडेट स्वभाव से मिलनसार और बेहद मेहनती होते हैं.

    क्या बोले भारतीय अधिकारी
    इस अधिकारी ने नाराजगी भी जाहिर की कि उनका बैचेमेट इस वक्त मजार-ए-शरीफ में जान बचाने के लिए छुपा हुआ है. उन्होने वॉट्सऐप संदेश भी दिखाए. हालांकि उन्होंने अफगानी अधिकारी का नाम न छापने की शर्त रखी. उन्होंने कहा कि अफगानी अधिकारी की वास्तविक लोकेशन का पता चलने पर बड़ा खतरा पैदा हो सकता है.

    जान बचाने के लिए परेशान अफगान अधिकारी
    अफगान अधिकारी ने लिखा है, ‘अफगानिस्तान सरकार इस वक्त तालिबानियों के हाथ में जा चुकी है और मैं स्पेशल ऑपरेशन अधिकारी था. मैं अफगानिस्तान सेना के लिए काम कर रहा था. अब तालिबानी मुझे तलाश रहे हैं. मेरे साथ अन्य कई सदस्यों की भी तलाश की जा रही है. इसलिए प्लीज हमारी अफगानिस्तान से बाहर निकलने में मदद कीजिए. प्लीज, प्लीज समय मत बर्बाद कीजिए. मैं इस वक्त शरण लेकर छुपा हुआ हूं और अपने बच्चों को भी तालिबान की निगाहों से छुपा दिया है. अगर तालिबान ने मुझे पकड़ लिया तो मेरे बच्चों और पत्नी के सामने जान से मार देगा.’

    ‘अफगानिस्तान अब मेरे लिए नर्क के समान बन चुका है’
    अफगान अधिकारी ने लिखा है, ‘अफगानिस्तान अब मेरे लिए नर्क के समान बन चुका है. मैं हर दिन अपने नजदीक कुछ लोगों की मौत होते देखता हूं. प्लीज हमारे बैचमेट्स से मदद के लिए बात करिए. मेरा घर-द्वार सब छूट गया है. इस वक्त मैं छुपा हुआ हूं.’

    एक अन्य भारतीय अधिकारी ने बताया, ‘इस तरह के करीब 1500-2000 अफगान अधिकारियों की ट्रेनिंग भारतीय मिलिट्री अकादमी से हुई है. अब ये लोग मुश्किल में हैं. हम नहीं जानते कि इन संदेशों का क्या जवाब दिया जाए. हम ये भी नहीं जानते कि पेचीदा रणनीतिक हालात में भारत उनकी मदद कर भी पाएगा या नहीं.’

    (इस लेख को यहां क्लिक कर पूरा पढ़ा जा सकता है.लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं. ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है.) 

    Tags: Afghanistan, Taliban

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