4-5 वर्षों में भारत के पास भी हो सकता है हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम: DRDO

भारत की मिसाइल क्षमता में वृद्धि के मद्देनजर डीआरडीओ ने कहा है कि ऐसे क्रूज मिसाइल सिस्टम का निर्माण किया जा सकता है. file photo: PTI
भारत की मिसाइल क्षमता में वृद्धि के मद्देनजर डीआरडीओ ने कहा है कि ऐसे क्रूज मिसाइल सिस्टम का निर्माण किया जा सकता है. file photo: PTI

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन यानी DRDO के चीफ जी. सतीश रेड्डी ने कहा है कि भारत के पास अगले चार से पांच सालों में हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम (Hypersonic Cruise Missile System) मौजूद होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2020, 4:44 PM IST
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नई दिल्ली. आगामी कुछ सालों में भारत के पास भी हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम (hypersonic cruise missile system) मौजूद होगा. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन यानी DRDO के चीफ जी. सतीश रेड्डी (G. Satheesh Reddy) ने कहा है कि भारत के पास अगले चार से पांच सालों में हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम मौजूद होगा.

DRDO कर सकता है निर्माण
भारत की मिसाइल क्षमता में वृद्धि के मद्देनजर डीआरडीओ ने कहा है कि ऐसे क्रूज मिसाइल सिस्टम का निर्माण किया जा सकता है. ऐसी मिसाइलें वर्तमान में दुनिया की सबसे तेज ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल से भी दुगनी रफ्तार से हमला कर सकेंगी.

HSTDV का टेस्ट फायर कर चुका है DRDO
गौरतलब है कि डीआरडीओ ने बीते 7 सितंबर को हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डेमन्सट्रेटर व्हीकल (HSTDV) का टेस्ट फायर किया था. माना जा रहा है कि इस टेस्ट फायर के बाद ही हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल के विचार ने और जोर पकड़ा है.



क्या है हाइपर सुपरसोनिक मिसाइल सिस्टम 
HSTDV पर जानकारी देते हुए जी. सतीश रेड्डी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया है कि क्रूज मिसाइलें वो होती हैं जो लोअर आल्टिट्यूड पर उड़ान भरती हैं. ऐसी क्रूज मिसाइल में ही सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक दो वैरायटी होती हैं. हाइपरसोनिक मिसाइलें ध्वनि की गति से सात या आठ गुना ज्यादा रफ्तार से उड़ती हैं. मोटे तौर पर कहा जाए तो इनकी रफ्तार 300 मीटर प्रति सेकंड से ज्यादा होती है.

scramjet इंजन के बारे में बताया गया
कुछ इसी तरह के scramjet इंजन पर हमने प्रयास किया है. ये हाइपरसोनिक स्पीड वाले इंजन जैसा ही काम करता है. डीआरडीओ द्वारा बनाए गए scramjet का टेस्ट भी किया जा चुका है.
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