भारत आयातित रक्षा आपूर्ति पर निर्भर नहीं रह सकता: राजनाथ सिंह

भारत आयातित रक्षा आपूर्ति पर निर्भर नहीं रह सकता: राजनाथ सिंह
भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की फाइल फोटो (PTI)

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा, ‘किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए सुरक्षा पहली प्राथमिकता है. यह हम सभी जानते हैं कि जो राष्ट्र अपनी रक्षा करने में सक्षम हैं, वे वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत छवि बनाने में सफल रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 13, 2020, 10:52 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. रक्षा मंत्री (Defence Minister) राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत अपने सैन्य उपकरणों की जरुरतों को पूरा करने के लिए विदेशी सरकारों (Foreign Governments) और विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के ऊपर निर्भर नहीं रह सकता. उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र (Defence Sector) में आत्मनिर्भता अन्य क्षेत्र से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है. सिंह ने यह बात सार्वजनिक क्षेत्र के कई रक्षा उपक्रमों और आयुध निर्माणी बोर्ड द्वारा लाए गए कई नए उत्पादों को लांच करते हुए की.

राष्ट्र के विकास के लिए सुरक्षा पहली प्राथमिकता
राजनाथ सिंह ने कहा, ‘किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए सुरक्षा पहली प्राथमिकता है. यह हम सभी जानते हैं कि जो राष्ट्र अपनी रक्षा करने में सक्षम हैं, वे वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत छवि बनाने में सफल रहे हैं. हम अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशी सरकारों, विदेशी आपूर्तिकर्ताओं और विदेशी रक्षा उत्पादों पर निर्भर नहीं हो सकते हैं. यह मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों और भावनाओं के अनुकूल नहीं है.’

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी
सिंह ने कहा, ‘हमें न केवल अपने राष्ट्रीय हितों की पूर्ति सुनिश्चित करने में सक्षम होना चाहिए बल्कि जरूरत के समय अन्य लोगों की भी मदद करने में सक्षम होना चाहिए. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण है.’



हथियार प्रणालियों के आयात में लानी है कमी
हथियार प्रणालियों की आयात सूची में वर्ष वार आधार पर कमी करने के निर्णय की सबसे पहले घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मई में की गई थी, जब उन्होंने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के सुधार के उपाय पेश किये थे.

गौरतलब है कि चीन के साथ सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को आत्मनिर्भरता का संकल्प दिया था. इसके बाद सरकार ने इस दिशा में एक के बाद एक कई कदम उठाए हैं. सीमा विवाद के बीच चीनी कंपनियों को दिए गए कई ठेके भी रद्द कर दिए गए हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज