हथियारों के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, PM बोले- हमारे पास डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता

हथियारों के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, PM बोले- हमारे पास डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता
प्रधानमंत्री मोदी की फाइल की फोटो

Defence industry outreach webinar: राजनाथ सिंह ने कहा कि मुझे विश्वास है कि अपने सहयोगी और सहकारी प्रयासों के माध्यम से, हम न केवल 'मेक इन इंडिया' बल्कि 'मेक फॉर वर्ल्ड' हासिल करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2020, 5:45 PM IST
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नई दिल्ली. भारत के कदम आत्मनिर्भरता (Aatmanir Bharat) की ओर बढ़ चुके हैं. एनसीसी कैडेट्स के ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए ऐप लॉन्च करने के बाद भारत स्वदेशी हथियारों (Indigenous weapons) का भी उत्पादन कर सकता है. आत्मनिर्भर भारत पर बोले PM मोदी, मुझे खुशी है कि भारत में रक्षा उत्पादन से जुड़े स्टेक हॉल्डर्स आज इस कार्यक्रम में मौजूद हैं. आज यहां हो रहे मंथन से जो परिणाम मिलेंगे उससे, आत्मनिर्भरता के हमारे प्रयासों को गति मिलेगी. रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को लेकर हमारा कमिटमेंट सिर्फ बातचीत या कागजों तक ही सीमित नहीं है. इसके कार्यान्वयन के लिए एक के बाद एक कदम उठाये गए हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आधुनिक उपकरणों में आत्मनिर्भरता के लिए तकनीकी अपग्रेडेशन जरूरी है. जो उपकरण आज बन रहे हैं, उनका नेक्स्ट जेनरेशन तैयार करने पर काम करने की भी जरूरत है. इससे लिए डीआरडीओ के अलावा निजी क्षेत्र और एकेडिमिक इंस्टीट्यूट्स में भी काम किया जा रहा है.

सिर्फ मेक इन इंडिया नहीं बल्कि मेक फॉर वर्ल्ड है लक्ष्य
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा, 'हम बेहतर तरीके से दुनिया में योगदान देने के लिए आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं. इस दिशा में 101 रक्षा वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध जैसे कुछ साहसिक नीतिगत सुधार किए गए हैं.' राजनाथ सिंह ने कहा, 'मुझे विश्वास है कि अपने सहयोगी और सहकारी प्रयासों के माध्यम से, हम न केवल 'मेक इन इंडिया' बल्कि 'मेक फॉर वर्ल्ड' हासिल करेंगे.' वहीं, इस सेमिनार को संबोधित करते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कहा, 'हमारे पास उच्च-क्षमता वाले स्वदेशी हथियार प्रणालियों का उत्पादन करने की क्षमता और इच्छाशक्ति है.'





ये वक्त सही दिशा में काम करने और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के साथ, आत्म-दक्षता हासिल करने का है. बिपिन रावत ने कहा कि ये वक्त भारत के पास अच्छा मौका है रक्षा उपकरणों के शुद्ध निर्यातक बनने का.

हम रक्षा उपकरणों के शुद्ध निर्यातक बनें
जनरल बिपिन रावत ने आगे कहा कि, सशस्त्र सेनाएं आत्मनिर्भर भारत को समर्थन देने के लिए दृढ़ संकल्प हैं. स्वेदश में बनी तकनीक और हथियारों से युद्धों में लड़कर जीत हासिल करने से ज्यादा संतुष्टि हमें और कहीं नहीं मिलेगी.

जानकारी के लिए बता दें कि ऐप की लॉन्चिंग के मौके पर रक्षा मंत्री के अलावा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, रक्षा सचिव अजय कुमार, महानिदेशक एनसीसी लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चोपड़ा सहित मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ लोग और सैन्य अधिकारी उपस्थित थे.
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