India-China Clash : LAC पर भारतीय सैनिकों को उकसाने की चीन की एक और कोशिश नाकाम- 10 बड़े अपडेट्स

India-China Clash : LAC पर भारतीय सैनिकों को उकसाने की चीन की एक और कोशिश नाकाम- 10 बड़े अपडेट्स
गलवान में 20 सैनिकों को खोने के बाद और पिछले दो हफ्तों से जारी झड़प के बीच भारतीय सेना ने अपने रूल ऑफ एंगेजमेंट में बदलाव किए हैं (PTI)

India-China Ladakh Border Clash: लद्दाख में शेपाओ माउंटेन टॉप्स (Shepao Mountain Tops) पर हुई फायरिंग की ताजा घटना को लेकर भारतीय सूत्रों का कहना है कि पीएलए के सैनिक गलवान जैसी हिंसा को दोहराने की फिराक में थे. आइए जानते हैं लद्दाख में भारत-चीन के बीच जारी सीमा विवाद पर अभी तक के 10 बड़े डेवलपमेंट्स:-

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 8, 2020, 3:12 PM IST
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लद्दाख/नई दिल्ली. लद्दाख में वास्तविक सीमा रेखा (LAC) पर भारत-चीन की सेनाएं (India-China Ladakh Border Clash) एक बार फिर से आमने-सामने हैं. बीती रात चीनी सेना ने LAC के पास पैंगोंग झील के दक्षिणी हिस्से में स्थित शेपाओ माउंटेन टॉप्स पर फायरिंग की. ये इलाका सामरिक रूप से काफी अहम माना जाता है. भारत की इस इलाके में मजबूत पकड़ है. भारतीय सेना ने इस फायरिंग का करारा जवाब दिया. सेना का कहना है कि भारत, जहां एलएसी पर तनाव कम करने के लिए प्रतिबद्ध है. चीन आगे बढ़ने के लिए उत्तेजक गतिविधियां कर रहा है.

गलवान में 20 सैनिकों को खोने के बाद और पिछले दो हफ्तों से जारी झड़प के बीच भारतीय सेना ने अपने रूल ऑफ एंगेजमेंट में बदलाव किए हैं. हमारे सैनिकों को ऑर्डर मिले हैं कि अगर हालात बिगड़ने लगे और चीनी सैनिक करीब आने की कोशिश करें, तो वो फायरिंग कर सकते हैं. हालांकि, भारतीय सेना का कहना है कि सोमवार रात को चीनी सैनिकों की घुसपैठ की कोशिश के बाद हमारी ओर से फायरिंग नहीं की गई.





आइए जानते हैं लद्दाख में भारत-चीन के बीच जारी सीमा विवाद पर अभी तक के 10 बड़े डेवलपमेंट्स:-
सूत्रों का कहना है कि 7 सितंबर की रात चीनी सैनिकों की एक पेट्रोलिंग टीम लोहे की रॉड और कटीले डंडे लेकर मुखपारी चोटी पर कब्‍जे के लिए आगे की ओर बढ़ रही थी, तभी भारतीय जवानों ने उन्‍हें रोक लिया. कई बार चेतावनी के बाद जब चीनी सैनिक नहीं माने, तब जवानों ने उन्हें खदेड़ दिया. इस दौरान सेना ने किसी भी तरह की गोलीबारी से इनकार किया है.
लद्दाख में शेपाओ माउंटेन टॉप्स पर हुई फायरिंग की ताजा घटना को लेकर भारतीय सूत्रों का कहना है कि पीएलए के सैनिक गलवान जैसी हिंसा को दोहराने की फिराक में थे. हथियारों से लैस चीनी सैनिक पहाड़ी की तरफ बढ़े. ये चोटी थाकुंग और स्‍पांगुर गैप के बीच में स्थित है. सामरिक तौर पर ये पहाड़ी काफी अहम मानी जाती है.
सीमा पर फायरिंग को लेकर भारतीय सेना ने चीन के बयान को झूठा बताया है. जबकि चीन ने बयान दिया था कि फायरिंग भारत की ओर से हुई. सेना के बयान के मुताबिक 7 सितंबर को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) हमारी फॉरवर्ड पोजीशन के नजदीक आने की कोशिश कर रही थी. जब भारतीय सैनिकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो चीनी सैनिकों ने फायरिंग की.
भारत ने ताजा बयान में चीन के दोहरे रवैये को भी सामने रखा है. सरकार ने कहा कि भारत जहां एलएसी पर तनाव कम करने की कोशिश में लगा हुआ है, चीन जान-बूझकर उकसावे वाली गतिविधियां कर रहा है. सरकार ने साफ शब्‍दों में कहा कि सेना ने किसी भी मौके पर फायरिंग नहीं की.
लद्दाख के पैंगोंग झील के इलाकों को लेकर चीन तीन कारणों से बौखलाया हुआ है. पहला - ब्लैक टॉप और हेलमेट टॉप पर भारतीय सेना के मजबूत पोजीशन लेने के बाद चीन की पोस्ट भारतीय फायरिंग रेंज में हैं. दूसरा - भारतीय सैनिक ऊंचाई पर हैं, जबकि चीन की पोस्ट नीचे. इससे चीन की पोजीशन और ट्रूप को भारतीय इलाकों से देखा जा सकता है. तीसरा- हमारी पोजीशन से चीन के भारतीय इलाकों में एंट्री पॉइंट्स बंद हो गए हैं. वहां अब भारतीय सेना का दबदबा है.
पिछले दो हफ्तों में भारतीय और चीनी सेना दो बार आमने-सामने आई हैं. 31 अगस्त की दोपहर भी चीन सेना ने भारतीय इलाके पर कब्जे की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने रोका था. इससे पहले 29-30 अगस्त की रात चीन की साजिशों को नाकाम करते हुए भारतीय सेना ने पैंगोंग झील के दक्षिणी हिस्से में मौजूद अहम चोटियों, ब्लैक टॉप और हेलमेट टॉप पर कब्जा कर लिया था.
आर्मी चीफ एमएम नरवणे ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को एलएसी पर सोमवार रात हुई फायरिंग की जानकारी दी है. आर्मी चीफ ने इसके साथ ही रक्षा मंत्री को लद्दाख के हालात के बारे में भी अपडेट किया है. बताया जा रहा है कि आज शाम को एक इमरजेंसी मीटिंग हो सकती है. इस मीटिंग में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद रहेंगे.
पूर्वी लद्दाख की गलवान वैली में करीब 40 जवानों को गंवाने के बाद पैंगोंग इलाके में 29-30 अगस्त की रात को भारतीय सेना की मुस्तैदी के सामने फेल साबित हुई चीनी सेना से राष्ट्रपति शी जिनपिंग खासे नाराज़ बताए जा रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि चीनी सेना के नेतृत्व में जल्द ही बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
दोनों देशों की सीमा पर इससे पहले 45 साल पहले गोली चली थी. 20 अक्टूबर 1975 को अरुणाचल प्रदेश के तुलुंग ला में चीन ने असम राइफल की पेट्रोलिंग पार्टी पर धोखे से एम्बुश लगाकर हमला किया था. इसमें भारत के 4 जवान शहीद हुए थे. वहीं, इसी साल जून में गलवान में दोनों देशों के बीच हुई झड़प में 20 सैनिक शहीद हो गए.
लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल 1962 के युद्ध के बाद अस्तित्व में आई, लेकिन जमीन पर अब तक उसकी हदबंदी नहीं हुई है. यही वजह है कि दोनों देशों की सरहद को लेकर अपनी-अपनी धारणाएं हैं. इसी के चलते ऐसे इलाके पनपे हैं, जिन पर दोनों देश अपना दावा करते हैं. नतीजतन कई विवादित और संवदेनशील इलाके बन गए हैं, जहां अक्सर झड़प हो जाती है.
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