ठंड में भी LAC पर डटे रहने के इरादे से चीन, भारतीय सेना भी पूरी तरह से तैयार

ठंड में भी LAC पर डटे रहने के इरादे से चीन, भारतीय सेना भी पूरी तरह से तैयार
भारत और चीन के बीच मई से तनाव जारी है (फाइल फोटो)

India-China Border Dispute: भारत और चीन (India & China) के बीच पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में चल रहे तनाव को शुरू हुए 100 से भी ज्यादा दिन हो गए हैं हालांकि चीन अभी भी वापस लौटने के मूड में नजर नहीं आ रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 17, 2020, 9:15 PM IST
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नई दिल्ली. भारत और चीन (India & China) के बीच पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में जारी तनाव डोकलाम (Dokalam) के बाद ये पहला सीमा विवाद है जो कि 100 दिन को पार कर चुका है. 2017 में डोकलाम में दोनों देशों की सेना 73 दिनों तक आमने-सामने डटी रही थी. कई सैन्य स्तर और कूटनीतिक वार्ता के बाद चीन को डोकलाम से पीछे हटना पड़ा था. लेकिन लगता नहीं कि चीन इस बार लद्दाख में जल्दी अपने क़दम पीछे करेगा. भारत और चीन के बीच अब तक पांच बार कोर कमांडर स्तर की बातचीत हो चुकी है. हाल ही में डीबीओ में मेजर जनरल स्तर की भी बात हुई लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं बदला. अब कूटनीतिक स्तर की बातचीत का दौर भी लगातार जारी है.

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद (India China Border Dispute) पर बातचीत करने के लिए दोनों देशों के बीच WMCC (वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कॉर्डिनेशन ऑन इंडिया-चीन बॉर्डर) की भी तीन से ज़्यादा बार बात हो चुकी है और इसी हफ्ते एक और बैठक भी हो सकती है. सूत्रों की मानें तो इस बैठक के लिए रूपरेखा तैयार करने के लिए सेना के अधिकारियों की बैठक भी हुई है. वहीं एलएसी (LAC) पर ठंड में -40 डिग्री तापमान में चीन की पीएलए (PLA) भी डटे रहने के मन से दिख रही है. हालांकि ये शायद पहली बार होगा जब चीन की सेना को इतने कम तापमान में इतनी बड़ी संख्या में इतने दिनों तक रहने के इरादे से दिख रही है.

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दोनों देशों के सैनिकों के लिए तैयारी पूरी
सूत्रों की मानें तो चीन ने अपने सैनिकों के लिए टैंट लगाए हुए हैं लेकिन क्या वो वाकई इतने कम तापमान में रह सकेंगे ये कहना फिलहाल मुश्किल है. भारत की तरफ से भी पूरे एलएसी पर कई नए पोस्ट तैयार किए गए है जहां से हमारी चौकसी और डॉमिनेंस सर्दियों के दौरान भी बनी रहेगी. इसके साथ ही चीन की हर एक गतिविधि पर नजर भी रखी जा सकेगी. इसके साथ ही इंचिंग पॉलिसी को आगे बढ़ाते हुए कहीं चीन नए इलाकों में भी अपना दावा न कर दे, इसका भी ध्यान रखा जा सकेगा.

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अगर चीन की पीएलए की ठंड में सक्रियता की बात करें तो ज़्यादातर ये ठंड में बैरक में चले जाते हैं. पैदल पेट्रोलिंग के लिए भी नहीं निकलते हैं. जहां तक उनकी गाड़ियां जा सकती हैं वहीं तक कभी-कभी पैट्रोलिंग करते हैं जबकि भारतीय सेना पूरी ठंड के दौरान लॉन्ग रेंज पेट्रोलिंग करती रहती है और इलाके को सुरक्षित रखती है. ऐसा माना जा रहा है कि चीन की पीएलए जिस तैयारी से आई है उससे लग रहा है ठंड में भी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गर्माहट बनी रह सकती है.
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