लद्दाख पहुंचे आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे, घायल जवानों से अस्पताल में की मुलाकात

लद्दाख पहुंचे आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे, घायल जवानों से अस्पताल में की मुलाकात
लेह पहुंचे सेना प्रमुख एमएम नरवणे

India China border face-off: लेह (Leh) पहुंचने के बाद एमएम नरवणे (MM Naravane) सेना के अस्‍पताल में गए और घायल जवानों से मुलाकात करके उनका हालचाल पूछा.

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नई दिल्‍ली. लाइन ऑफ ऐक्चुअल कंट्रोल/एलएसी (LAC) पर जारी तनाव को कम करने के लिए भारत और चीन (India-china) के बीच 22 जून को लेफ्टिनेंट स्तर पर बातचीत सफल रही है. भारतीय सेना (Indian Army) के सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस बातचीत के बाद दोनों देशों में अपनी सेनाएं वापस बुलाने पर आपसी सहमति बन गई है. इस बीच सेना प्रमुख जरनल एमएम नरवणे (Army Chief General MM Naravane) मंगलवार को लेह पहुंच गए हैं. सेना प्रमुख यहां पर हालात का जायजा लेंगे.

लेह (Leh) पहुंचने के बाद एमएम नरवणे (MM Naravane) सेना के अस्‍पताल में गए और घायल जवानों से मुलाकात करके उनका हालचाल पूछा. इस दौरान उन्‍होंने जवानों से बातचीत भी की. सेना प्रमुख दो दिवसीय पूर्वी लद्दाख दौरे पर हैं. सूत्रों ने कहा कि सेना प्रमुख अग्रिम चौकियों का दौरा करेंगे और वहां मौजूद सैनिकों से बातचीत करेंगे. पिछले सप्ताह वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने लद्दाख और श्रीनगर वायु सैनिक अड्डों का दौरा किया था और क्षेत्र में किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए भारतीय वायु सेना की तैयारियों का जायजा लिया था.


सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह से भी बातचीत करेंगे
उच्च सैन्य कमांडरों के दो दिवसीय सम्मेलन के अंतिम सत्र में शामिल होने के तुरंत बाद जनरल नरवणे लेह के लिए रवाना हो गए थे. सोमवार को शुरू हुए सम्मेलन में कमांडरों ने पूर्वी लद्दाख की स्थिति पर गंभीर चर्चा की. लेह में जनरल नरवणे, चीन से लगी संवेदनशील सीमा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली 14वीं कोर के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह से बातचीत करेंगे. सोमवार को लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने चीन के साथ तनाव काम करने के लिए तिब्बत सैन्य जिले के कमांडर मेजर जनरल ल्यू लिन के साथ 11 घंटे बैठक की थी.



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वार्ता के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि बैठक में भारतीय पक्ष ने चीनी सैनिकों द्वारा गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर किए गए 'पूर्वनियोजित' हमले के संबंध में कड़ा विरोध जताया और पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के प्रत्येक बिंदु से चीनी सैनिकों के तत्काल पीछे हटने की मांग की. बातचीत का उद्देश्य पेंगोंग सो समेत कई क्षेत्रों से दोनों पक्षों के सैनिकों को वापस बुलाने की प्रक्रिया तय करना था जहां वे पिछले छह सप्ताह से गतिरोध की स्थिति में हैं.
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