LAC पर बढ़े तनाव के बीच आज लेह जाएंगे CDS जनरल बिपिन रावत, हालात का लेंगे जायजा

आज लेह में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेंगे CDS जनरल बिपिन रावत

CDS जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) लेह का दौरा करन वाले थे, लेकिन उनका ये दौरा किसी कारण से टल गया था.

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    नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley Face off) में 15 जून की रात भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. सीमा पर चीन की दादागिरी को खत्म करने के लिए भारतीय सेना को इस बार खुली छूट दे दी गई है. LAC पर जारी तनाव के बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत (CDS General Bipin Rawat) आज लद्दाख का दौरा करेंगे और सुरक्षा स्थिति का जायजा लेंगे. इस दौरान उनके साथ नॉर्दन आर्मी कमांड और 14 कॉर्प्स के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.

    चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत का लेह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब सीमा पर दोनों ही देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गई हैं. दोनों देशों ने बढ़ते तनाव को देखते हुए सीमा पर सैनिकों और हथियारों की संख्या बढ़ा दी है. सीमा पर बढ़े तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने अब तक कई राउंड की बैठक भी की है, लेकिन अभी तक इस मसले का कोई हल नहीं निकला है.

    सीडीएस जनरल बिपिन रावत से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लेह का दौरा करन वाले थे, लेकिन उनका ये दौरा किसी कारण से टल गया था. रक्षा मंत्रालय की ओर से राजनाथ सिंह के दौरे को लेकर नई तारीख का ऐलान जल्द किया जाएगा. राजनाथ सिंह के साथ सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी लेह जाने वाले थे. सेना प्रमुख नरवणे एक बार पहले ही लेह का दौरा कर सुरक्षा स्थिति का जायजा ले चुके हैं.

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    सीमा पर भेजे गए टी-90 भीष्म टैंक और लड़ाकू विमान
    पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लगातार अपनी गतिविधि तेज कर रहा है. सीमा पर बढ़ रहे तनाव को देखते हुए भारतीय सेना ने भी गलवान घाटी में टी-90 भीष्म टैंकों को तैनात कर दिया है. भारतीय सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के अपने हिस्से के भीतर सभी प्रमुख ऊंचाइयों पर अपने हथियारों को तैनात कर रही है, जिससे किसी भी स्थिति से आसानी से निपटा जा सके.सीमा पर चीन को सबक सिखाने के लिए 155 एमएम हॉवित्जर के साथ इन्फैंट्री लड़ाकू वाहनों को पूर्वी लद्दाख में 1597 किमी लंबी एलएसी के साथ तैनात किया गया है. इसी के साथ चीन जिस तरह से धोखे से हमला करता है उसे देखते हुए चुशुल सेक्टर में भी सेना ने दो टैंकों की तैनाती कर दी है.

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    विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जल्द निकलेगा हल
    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने भारत और चीन के बीच सैन्य वार्ता मे आपसी सहमति से मुद्दों के समाधान का हल निकलने की उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा बातचीत सकारात्मक रही. समाधान निकलने तक दोनों देश सैन्य और राजनयिक स्तर पर अपनी बैठकें जारी रखेंगे. इस द्विपक्षीय बातचीत के क्रम में डब्ल्यूएमसीसी (परामर्श और समन्वय के लिए कार्यकारी तंत्र) के ढांचे के तहत वार्ता भी शामिल हैं.' दरअसल पूर्वी लद्दाख में पिछले 7 सप्ताह से भारत-चीन सेनाओं के बीच लगातार तनाव जारी है.

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