सैनिकों का हाल जानने लेह जाना चाहते थे सांसद, रक्षा मंत्रालय ने नहीं दी इजाजत

पीएसी की अध्यक्षता लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी कर रहे हैं.
पीएसी की अध्यक्षता लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी कर रहे हैं.

India China Border Tension: संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) ने सैनिकों के हालातों को जानने के लिए केंद्र सरकार से लेह जाने की मांग की है. पीएसी ने कहा है कि वह ऊंचाई वाली जगहों पर फॉरवर्ड पोजिशन पर तैनात सैनिकों की स्थिति देखना चाहती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 2:27 PM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में हुए संघर्ष के बाद भारत-चीन (India-China) के बीच एलएसी पर तनाव अब भी कायम है. सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता कई बार हुई है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव पर पूर्ण विराम नहीं लग पाया है. सर्दियों के मौसम में एलएसी पर चीनी सेना का सामना कर रही भारतीय सेना (Indian Army) को किसी तरह की परेशानी न हो इसलिए केंद्र सरकार जरूरी आपूर्ति मुहैया कराने में जुटी हुई है.

सीमा विवाद के बीच संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) ने सैनिकों के हालातों को जानने के लिए केंद्र सरकार से लेह जाने की मांग की है. पीएसी ने कहा है कि वह ऊंचाई वाली जगहों पर फॉरवर्ड पोजिशन पर तैनात सैनिकों की स्थिति देखना चाहती है. हालांकि पीएसी की इस मांग को रक्षा मंत्रालय ने ठुकरा दिया है. पीएसी को जवाब देते हुए रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि सैनिक लंबे के एलएसी पर उलझे हुए हैं, इसलिए उन्हें एलएसी पर नहीं जाना चाहिए.

रक्षा मंत्रालय ने पीएसी को भेजी चिट्ठी
पीएसी को एक चिट्ठी लिखकर रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि सांसदों का मौजूद समय में लेह का दौरा करना ठीक नहीं है. रक्षा मंत्रालय की ओर से हवाला दिया गया है कि एलएसी पर भारतीय सेना लंबे समय से चीनी सेना के साथ टकराव की स्थिति में है. इससे एक दिन पहले भी मंत्रालय ने पीएसी को एक चिट्ठी भेजी थी, हालांकि इसमें चीन से टकराव की बात का जिक्र नहीं किया गया था.
उल्लेखनीय है कि पीएसी की अध्यक्षता लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी कर रहे हैं. पीएसी को पिछले महीने ही लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से लद्दाख में भारतीय सेना से मुलाकात करने की इजाजत मिली थी. जानकारी के मुताबिक, पीएसी लेह जाकर सीएजी की उस रिपोर्ट की जांच करना चाहती थी, जिसमें कहा गया था कि सियाचिन और लद्दाख जैसे इलाकों में तैनात टुकड़ियों के पास ऊंचाई (और ठंड) वाली जगहों लायक कपड़े और उपकरणों की भारी कमी है. सीएजी ने बताया था कि इसकी वजह इन उपकरणों को हासिल करने में आ रही देरी है.
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