India-China Border Violence: राहुल का सवाल- हमारे जवानों को मारने की चीन की हिम्मत कैसे हुई, चुप क्यों हैं PM?

India-China Border Violence: राहुल का सवाल- हमारे जवानों को मारने की चीन की हिम्मत कैसे हुई, चुप क्यों हैं PM?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. (PTI)

India-China Border Violence: लद्दाख इलाके के पेंगॉन्ग सो में हिंसक झड़प के बाद 5 मई से ही भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध चल रहा है. 1962 के बाद ये पहला मौका है जब सैनिकों की जान गई है.

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नई दिल्ली. भारत और चीन (India-China Standoff) के बीच लद्दाख के गलवान घाटी में LAC पर हुए हिंसक झड़प के बाद केंद्र सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है. सीमा पर लगातार बढ़ते तनाव को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने कहा, 'बस अब बहुत हुआ. हमें सच जानना है कि आखिर क्या हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर चुप क्यों है?

राहुल गांधी ने ट्वीट किया- 'पीएम चुप क्यों हैं? वह क्यों छिप रहे हैं? बस बहुत हुआ. हम जानना चाहते हैं कि क्या हुआ है. चीन की हिम्मत कैसे हुई हमारे सैनिकों को मारने की? उनकी हिम्मत कैसे हुई हमारी जमीन लेने की?'
वहीं, राहुल गांधी ने एक वीडियो मैसेज जारी करते हुए देश के वीर शहीदों को नमन किया है. राहुल ने कहा, ‘प्रधानमंत्री जी, आप बाहर आइए. पूरा देश, हम सब आपके साथ खड़े हैं. देश को सच्चाई बताइए. डरिए मत.’भारतीय जवानों की कुर्बानी पर बोलीं प्रियंका गांधी-क्या हम खामोश ही रहेंगे?20 जवानों की शहादत पर राहुल गांधी के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट किया है. प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा- 'हमारी ज़मीन, हमारी संप्रभुता खतरे में है... हमारे जवान, हमारे अधिकारी शहीद हुए हैं... क्या हम खामोश ही रहेंगे...? भारत को सच की जानकारी मिलनी चाहिए... भारत को ऐसा नेतृत्व मिलना चाहिए, जो अपनी ज़मीन पर कब्ज़ा होने से रोकने के लिए कुछ भी कर गुज़रने के लिए तैयार हो... सामने आइए, नरेंद्र मोदी जी... यह वक्त चीन के सामने डटकर खड़े होने का है...'

45 साल बाद चीन ने दिया धोखा
चीन से भारत को 45 साल बाद एक बार फिर धोखा मिला है. सोमवार देर रात लद्दाख के गलवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बातचीत करने गई भारत की सेना पर चीनी सैनिकों की हिंसक झड़प हो गई. पत्थरों, लाठियों और धारदार चीजों से हमला किया गया. इस हमले में भारत के कमांडिंग ऑफिसर समेत 20 सैनिक शहीद हो गए. जबकि, चीन के 43 सैनिक हताहत बताए जा रहे हैं. हालांकि, चीन ने यह कबूला नहीं है.



दिल्ली में चला बैठकों का दौर

घटना के सामने आने के बाद से ही दिल्ली में बैठकों का दौर तेज हो गया. पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत समेत तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट की बैठक हुई. जिसमें प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री शामिल हुए.

भारतीय सेना ने बयान जारी कर कहा है कि फिलहाल जहां झड़प हुई वहां से दोनों देशों के सैनिक पीछे हट गए हैं. हालांकि चीन ने आरोप लगाया है कि हिंसा की शुरुआत भारतीय सैनिकों ने की थी. अब चीन की सरकारी मीडिया में भारत को ताकतवर चीनी सेना की धमकी देते हुए कहा है कि वे अमेरिका समेत अन्य देशों के बहकावे में आकर गलत कदम उठाने के बारे में न सोचे.

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