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लद्दाख पर 13वीं सैन्य वार्ता रही बेनतीजा, सेना ने कहा- न हमारी बात मान रहा चीन, न खुद बता रहा आगे की राह

लद्दाख पर 13वीं सैन्य वार्ता रही बेनतीजा, सेना ने कहा- न हमारी बात मान रहा चीन, न खुद बता रहा आगे की राह

 (File Photo)

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India-China LAC Dispute: भारत-चीन सीमा एलएसी पर संवेदनशील क्षेत्र में इस समय प्रत्येक पक्ष के करीब 50,000 से 60,000 सैनिक तैनात हैं.

    नई दिल्ली. भारत और चीन (India-China Ladakh Dispute) के बीच बीते साल मई से जारी सीमा विवाद का अब तक कोई स्पष्ट हल नहीं निकल सका है. रविवार को दोनों देशों के बीच सैन्य वार्ता भी हुई, लेकिन इस दौरान चीन ने न तो भारतीय प्रतिनिमंडल की सुनी और ना ही खुद कोई रास्ता बताया. इस बाबत एक बयान में भारतीय सेना ने 13वीं सैन्य वार्ता पर अहम जानकारी दी. सेना ने कहा कि बैठक में बाकी मुद्दों के समाधान पर दोनों देश किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे. हालांकि सेना ने यह आशा जताई है कि चीन मुद्दों के समाधान पर आगे बढ़ेगा.

    वार्ता के 13वें दौर पर भारतीय सेना (Indian Army) ने कहा कि चीन के साथ सैन्य वार्ता में कोई समाधान नहीं निकला. सेना ने एक बयान में कहा, ‘बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच चर्चा पूर्वी लद्दाख में एलएसी से जुड़े बाकी मुद्दों के समाधान पर केंद्रित रही. भारतीय पक्ष ने बताया कि एलएसी पर मौजूदा स्थिति चीनी पक्ष द्वारा यथास्थिति को बदलने और द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन के एकतरफा प्रयासों के कारण बदली. इसलिए यह जरूरी है कि चीनी पक्ष बाकी क्षेत्रों में उचित कदम उठाए ताकि पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी पर शांति बहाल हो सके.’

    सेना ने कहा  ‘दोनों देशों के बीच समझौता दो विदेश मंत्रियों द्वारा दुशांबे में अपनी हालिया बैठक में सुझाए गए रास्ते पर होगा. दोनों विदेश मंत्री इस बात पर सहमत हुए थे कि दोनों पक्षों को बाकी मुद्दों को जल्द से जल्द हल करना चाहिए. भारतीय पक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि बाकी मुद्दों पर समाधान से द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की सुविधा होगी.’

    सेना के अनुसार भारतीय पक्ष ने ‘बाकी मुद्दों को हल करने के लिए रचनात्मक सुझाव दिए’ लेकिन चीनी पक्ष सहमत नहीं था और आगे का कोई रास्ता भी नहीं सुझाया. ऐसे में यह बैठक बेनतीजा रही. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता के 13वें चरण में देप्सांग में तनाव कम करने पर जोर देते हुए अपना रुख पुरजोर तरीके से रखा है.

    बता दें दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा पर गतिरोध पिछले साल पांच मई को शुरू हुआ था. तब पैंगोंग झील के इलाकों में दोनों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. सैन्य और राजनयिक वार्ता की श्रृंखला के परिणामस्वरूप दोनों पक्षों ने अगस्त में गोगरा क्षेत्र में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी की. फरवरी में दोनों पक्षों ने सहमति के अनुरूप पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से सैनिकों तथा हथियारों की वापसी की प्रक्रिया पूरी की थी.

    Tags: China, India, India china border dispute, India china dispute

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