India China Face-Off : चीन ने छोड़े 10 भारतीय जवान, गलवान घाटी में 3 दिन पहले हुआ था संघर्ष

India China Face-Off : चीन ने छोड़े 10 भारतीय जवान, गलवान घाटी में 3 दिन पहले हुआ था संघर्ष
भारत-चीन के बीच हिंसक झड़प में 20 सैनिक शहीद हो गए थे.

साल 1962 के चीन-भारत युद्ध (India China War) के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब भारतीय सैनिकों को चीनी पक्ष ने बंधक बना लिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 19, 2020, 12:49 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) स्थित गलवान घाटी (Galwan Valley) में भारतीय और चीनी सैनिकों (India China Face off) की हिंसक झड़प में चीनी सेना ने 10 जवानों को बंधक बना लिया था. यह दावा समाचार एजेंसी PTI ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार -'चीनी सेना ने दो मेजर समेत 10 भारतीय सैनिकों को बंधक बना लिया था. इन सैनिकों को तीन दिन की बातचीत के बाद रिहा कराने में सफलता मिली. हालांकि, इस बाबत सेना की ओर से आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है.'

इससे पहले भारतीय सेना ने गुरुवार को उन मीडिया खबरों को खारिज किया जिनमें दावा किया गया है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में तीन दिन पहले चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़पों के बाद उसके कई सैनिक लापता है. सेना ने एक बयान में कहा, ‘यह स्पष्ट किया गया है कि कार्रवाई में कोई भारतीय सैनिक लापता नहीं हैं.’

इस तरह की खबरें थीं कि गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद चीनी सेना ने भारतीय सेना के कुछ सैनिकों को बंदी बना लिया है. इस झड़प में 20 भारतीय सैन्यकर्मी शहीद हो गये थे. चीन ने हताहतों की संख्या अभी तक जारी नहीं की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने भी एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि सोमवार को हुई झड़प के बाद से कोई भारतीय सैनिक लापता नहीं हुआ है.



76 जवानों की हालत ठीक, कुछ दिन में जॉइन करेंगे ड्यूटी
वहीं न्‍यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया कि गुरुवार दोपहर तक किसी भी जवान की हालत गंभीर नहीं है. इसके साथ ही 58 जवानों को मामूली चोटें आई हैं. जानकारी दी कि फिलहाल सभी जवानों की हालत खतरे से बाहर है. 18 जवानों को लेह के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ये सभी जवान 15 दिन में ड्यूटी जॉइन करने के लिए पहुंच सकते हैं. वहीं, 58 जवान जिन्हें मामूली चोटें आई हैं वह एक हफ्ते के भीतर वापस मोर्चे पर पहुंच सकते हैं.



गौरतलब है कि गत पांच और छह मई को हिंसक झड़प में लगभग 250 चीनी और भारतीय सैनिकों के शामिल होने के बाद क्षेत्र में स्थिति बिगड़ गई थी. पैंगोंग सो में हुई घटना के बाद नौ मई को उत्तरी सिक्किम में भी इसी तरह की घटना हुई थी. बता दें साल 1962 के चीन-भारत युद्ध के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब भारतीय सैनिकों को चीनी पक्ष ने बंधक बना लिया था. (भाषा इनपुट के साथ)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज