India-China Rift: सेना प्रमुख नरवणे ने किया लेह का दौरा, चीन से झड़प में घायल जवानों से की मुलाकात

सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे दो दिन के लेह दौरे पर हैं.
सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे दो दिन के लेह दौरे पर हैं.

India-China Faceoff: सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Army Chief General Manoj Mukund Naravane) ने सभी घायल सैनिकों से बातचीत की और बहादुरी के लिए उनकी प्रशंसा की. इसके बाद आर्मी चीफ ने नॉर्दर्न आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल योगेश कुमार जोशी, 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ क्षेत्र में संपूर्ण सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की.

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नई दिल्ली. सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Army Chief General Manoj Mukund Naravane) दो दिवसीय पूर्वी लद्दाख (Ladakh) दौरे पर हैं. लेह पहुंचने के तुरंत बाद जनरल नरवणे ने सेना के अस्पताल का दौरा किया, जहां 15 जून को गलवान घाटी में घायल हुए 18 सैनिकों का इलाज चल रहा है. चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. जनरल नरवणे ने इस दौरान घायल सैनिकों को कमेंडेशन कार्ड भी दिए.

अस्पताल का दौरा करने के बाद जनरल नरवणे ने सभी घायल सैनिकों से बातचीत की और बहादुरी के लिए उनकी प्रशंसा की. इसके बाद आर्मी चीफ ने नॉर्दर्न आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल योगेश कुमार जोशी, 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ क्षेत्र में संपूर्ण सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की. जनरल नरवणे ने लद्दाख से सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल से भी बातचीत की.

पिछले हफ्ते एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने लद्दाख और श्रीनगर एयरपोर्ट का दौरा किया था. क्षेत्र में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना की तैयारियों की समीक्षा की थी.



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पीछे हटेगी दोनों देशों की सेनाएं
भारत-चीन के बीच 22 जून को हुई लेफ्टिनेंट स्तर पर बातचीत सफल रही है. भारतीय सेना (Indian Army) के सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस बातचीत के बाद दोनों देशों में अपनी सेनाएं वापस बुलाने पर आपसी सहमति बन गई है. सेना ने कहा कि ये बातचीत बहुत ही सकारात्मक और बेहतर माहौल में हुई.

सेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कोर कमांडर स्तर की वार्ता के बाद लद्दाख की गलवान घाटी में एक आम सहमति बन गई है. विवादित भूमि से दोनों देशों की सेना की वापसी के तौर-तरीकों पर बातचीत हुई, जिसके बाद फैसला लिया गया कि पूर्वी लद्दाख की झड़प वाली जगह से दोनों सेना पीछे हटेंगी.

कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया नेतृत्व
पूर्वी लद्दाख में चुशुल सेक्टर के चीनी हिस्से में स्थित मोल्डो में सोमवार को करीब 11:30 बजे ये बैठक शुरू हुई थी. ये बैठक 12 घंटे तक चली. इसमें देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व ने पूर्वी लद्दाख में स्थिति की विस्तृत समीक्षा की. मोल्डो में हुई बातचीत में भारतीय पक्ष का नेतृत्व 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व तिब्बत मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के कमांडर कर रहे थे.

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15 जून को हुई थी हिंसक झड़प
भारत और चीन के सैनिकों के बीच LAC पर 15 जून की रात हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, इस झड़प में चीन के भी 35 से ज्यादा सैनिक हताहत हुए हैं. हालांकि, चीन ने अभी तक अपने मारे गए सैनिकों की संख्या नहीं बताई है.
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