India China Faceoff: लद्दाख में कड़ाके की ठंड, LAC पर डटे रहने के लिए सेना ने किए पुख्ता इंतजाम

India China Faceoff: लद्दाख में कड़ाके की ठंड, LAC पर डटे रहने के लिए सेना ने किए पुख्ता इंतजाम
India China Faceoff: भारतीय सैनिक चीन की नापाक कोशिशों का जवाब देने के लिए LAC पर डट के खड़े हैं. वहीं कुछ दिनों में वहां कड़ाके की ठंड शुरू हो जाएगी. ऐसे में भारतीय सेना अपने जवानों के लिए पूरी तैयारी कर रही है, वहीं चीन चाह रहा है कि उसके सैनिक सर्दियों में वहां तैनात ना हों.

India China Faceoff: भारतीय सैनिक चीन की नापाक कोशिशों का जवाब देने के लिए LAC पर डट के खड़े हैं. वहीं कुछ दिनों में वहां कड़ाके की ठंड शुरू हो जाएगी. ऐसे में भारतीय सेना अपने जवानों के लिए पूरी तैयारी कर रही है, वहीं चीन चाह रहा है कि उसके सैनिक सर्दियों में वहां तैनात ना हों.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 9, 2020, 10:14 AM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (Ladakh Border Dispute) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच (India-China Standoff) जारी गतिरोध के बीच अगले कुछ दिन में वहां ठंड बढ़ने वाली है. ऐसे में भारतीय सेना (Indian Army) ने LAC पर डटे रहने के लिए पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं. भारत ने दुनियाभर के अलग-अलग सप्लायर्स से बात कर ली है, ताकि लद्दाख के हाई आल्टीट्यूड वाले आउटपोस्ट्स पर सैनिकों के रहने में कोई दिक्कत ना आए. इसके लिए भारत में कड़ाके की ठंड के दौरान इस्तेमाल में लाए जाने वाले डिवाइस, -50 डिग्री सेल्सियस तापमान और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवा का मुकाबला करने के लिए थर्मल इंसुलेशन वाले कपड़ों को इंतजाम किया जा रहा है.

कड़ाके की ठंड में इस्तेमाल में लाए जाने वाले टेंट, फाइबर-रीइनफोर्स्ड प्लास्टिक इग्लू और स्पेशल स्नो-बूट्स की स्टोरेज बढ़ाने की भारतीय सेना की आपातकालीन प्रयास इस बात का सबूत है कि आने वाले समय में लद्दाख में LAC पर जवानों की तैनाती जारी रहेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर परिस्थितियां सही नहीं हुईं, तो LAC भी भारत के लिए सियाचिन की तरह हो जाएगा. जहां हाई आल्टीट्यूड पर हमारे सैनिक सीमा की सुरक्षा में लगे हुए हैं.

रक्षा और सामरिक विश्लेषण संस्थान के एक रिसर्च फेलो कर्नल विवेक चड्ढा ने कहा 'भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी दोनों ही LAC के कुछ हिस्सों में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जगहों पर कब्जा करने के लिए कोशिश कर  सकते हैं. इसकी एक वास्तविक संभावना है. '



भारतीय सैनिकों ने Black Top पर किया कब्जा
पिछले महीने, भारतीय सैनिकों ने  ब्लैक टॉप पर कब्जा कर लिया. समुद्र तल से 4,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ब्लैक टॉप, भारतीय सेना को लद्दाख में पैंगोंग झील के दक्षिण में स्पैंगगुर लेक के आसपास पीएलए सैनिकों के मूवमेंट्स को सीधे देखने में मदद करेगा.

ब्लैक टॉप पर भारत के कब्जे को चीन द्वारा ग्रीन टॉप कब्जे का जवाब माना जा रहा है.  ग्रीन टॉप पर तैनात PLA के सैनिक धन सिंह पोस्ट, फ़िंगर 3 पर भारतीय सेना की फॉर्वर्ड पोस्ट के साथ ही इसके दक्षिण में स्थित कुछ अन्य पोस्ट्स तक देख सकते हैं.

 पैंगोंग के दक्षिण में तनाव बढ़ा
गौरतलब है कि भारतीय की जवाबी कार्रवाई के कारण पैंगोंग के दक्षिण में तनाव बढ़ गया है. ब्लैक टॉप लेने के ऑपरेशन के दौरान 30-31 अगस्त को वॉर्निंग शॉट्स फायर किए गए. फिर 7 सितंबर को  पीएलए के सैनिक रेजांग ला पर एक भारतीय पोजिशन के पास छड़ और क्रूड स्पियर्स से लैस दिखाई दिए.

सैन्य सूत्रों का कहना है कि बड़े पैमाने पर शीतकालीन तैनाती के चलते भारत को लजिस्टिकल चैलेंज्स का सामना करना पड़ सकता है. उदाहरण के लिए  पिछले साल भारतीय सेना के एक प्रतिनिधि ने रक्षा पर लोकसभा की स्थायी समिति से ठंड के मौसम के कपड़ों के लिए भारत की उत्पादन क्षमता में कमी का जिक्र किया था. इसका लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा आयात किया गया है. सेना के प्रतिनिधि ने कहा, 'इसे बनाने के लिए भारत में कोई स्वदेशी क्षमता मौजूद नहीं है.'

हालांकि, इस बात के संकेत मिले हैं कि PLA सर्दियों  में तैनाती से बचने की कोशिश कर रहा है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने मंगलवार को कहा कि 'सर्दियों में इंसानों के रहने के लिए अच्छा नहीं है. हमें उम्मीद है कि राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से हम जल्द से जल्द डिसएंगेज हो जाएंगे.

(प्रवीण स्वामी की यह रिपोर्ट मूलतः अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है. अगर आप इस रिपोर्ट को पूरा पढ़ना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.)
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