India-China Faceoff: लद्दाख के जज़्बे को सलाम, जवानों के लिए भेजा खास खाना

  (AP Photo/ Dar Yasin)
(AP Photo/ Dar Yasin)

India-China Faceoff: सरकार और सेना मिलकर पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में लंबे गतिरोध की तैयारी कर रही है, तो वहीं लेह के एक गांव से लोगों ने सेना को रसद की मदद भेजी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2020, 11:28 AM IST
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लेह. वास्तविक नियंत्रण रेखा (Lac) पर चीनी सेना के नापाक इरादों का सामना कर रही भारतीय सेना (India China faceoff) की मदद के लिए देशवासी भी पीछे नहीं हैं. एक ओर सरकार और सेना मिलकर पूर्वी लद्दाख  (East Ladakh) में लंबे गतिरोध की तैयारी कर रही है, तो वहीं लेह के एक गांव से लोगों ने सेना को रसद की मदद भेजी है. ये ऐसी रसद है जिसे बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी और इससे सेना ठंड मौसम में रहने के लिए ताकत भी मिलेगी.

NEWS18 India के संवाददाता अनुराग ढांडा से बातचीत में गांव वालों ने बताया कि यह खाना बहुत जरूरी है, क्योंकि इसे बनाने में दाल रोटी की तरह देर नहीं लगती. इसे पकाना नहीं पड़ता और इसे तुरंत खाया जा सकता है. एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि यहां हमारा मठ है. हम फौज की वजह से चैन से सो पा रहे हैं. बता दें पूरा सामान गाड़ी में लादकर गांव से आर्मी हेडक्वार्टर ले जाया गया और वहां इसे सेना के हवाले किया जाएगा.
वहीं सर्दियों में चीन से मोर्च की तैयारी के तहत रक्षा अनुसंधान एवं विकास (DRDO) ने सेना के जवानों के लिए खास मीट का इंतजाम किया गै. इसके लिए शोध कई शोध किए गए हैं. भारतीय सेना के लिए बेहतरीन मीट पर हुए शोध के बारे में DRDO के कर्नल मनोज बत्रा ने NEWS18 India के संवाददाता अरुण सिंह को बताया कि यहां चांथांगी ब्रीड  की मीट क्वालिटी अच्छी नहीं है. इसी ब्रीड से पश्मिना शॉल बनती है.यह भी पढ़ें: India-China LAC Rift: लद्दाख में बीमार पड़ने लगे चीनी सैनिक, फिंगर 4 से ले जाए गए अस्पतालकहा कि   मैदानी इलाकों में पाए जाने वाले सीरोही ब्रीड से इसका क्रॉस कराया और फिर इनकी क्रॉस ब्रीड मिीली जो यहां के इलाके लिए अच्छे से एक्लाइमेटाइज है और इसकी मीट क्वालिटी अच्छी है.

बताया गया कि मीट की क्वालिटी बहुत अच्छी है और इससे उन्हें भूख कम लगेगी, इसके साथ ही स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा. कर्नल बत्रा ने बताया कि शोध के बाद जो नई क्रॉस ब्रीड बनी है उसे किसानों को दे दिया जाएगा, जिसके बाद हजारों की संख्या में उत्पादन बढ़ जाएगा. आपको बता दें पहले चंडीगढ़ समेत देश के अन्य इलाकों से जवानों के लिए यहां तक मीट लाया जाता था लेकिन अब जवानों को लेह से ही मीट पहुंचाने में आसानी होगी.
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