India-China Faceoff: LAC पर तनाव के बीच आज मॉस्को जा रहे हैं राजनाथ सिंह, चीनी नेताओं से नहीं होगी मुलाकात

India-China Faceoff: LAC पर तनाव के बीच आज मॉस्को जा रहे हैं राजनाथ सिंह, चीनी नेताओं से नहीं होगी मुलाकात
रक्षा मंत्री मॉस्को में आयोजित विजय दिवस परेड (Victory Day Parade) में शिरकत करेंगे. (PTI)

न्यूज़ एजेंसी PTI के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद (India-China Border Tension) के बावजूद राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) रूस की यात्रा कर रहे हैं, क्योंकि रूस के साथ भारत के दशकों पुराने सैन्य संबंध हैं.

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नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच बढ़ते सीमा गतिरोध (India-China Faceoff) के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) सोमवार से तीन दिनों की रूस यात्रा पर हैं. रक्षामंत्री मॉस्को में आयोजित विजय दिवस परेड (Victory Day Parade) में शिरकत करेंगे. यह परेड दूसरे विश्व युद्ध में जर्मनी पर सोवियत की जीत की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रही है. इस इवेंट में चीन के रक्षामंत्री भी हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन रक्षा मंत्री चीनी नेताओं से मुलाकात नहीं करेंगे.

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को 20 भारतीय जवानों के शहीद हो जाने के बाद यह यात्रा हो रही है. रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वितीय विश्व युद्ध में मिली जीत की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए 24 जून को आयोजित विजय दिवस परेड में शमिल होने के लिए मॉस्को की यात्रा करेंगे.' न्यूज़ एजेंसी PTI के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद के बावजूद राजनाथ सिंह यात्रा कर रहे हैं, क्योंकि रूस के साथ भारत के दशकों पुराने सैन्य संबंध हैं.

रूस के राजदूत निकोले कुदाशेव ने ट्वीट किया, 'मैं सामरिक साझेदार भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षित यात्रा की कामना करता हूं, जो सोमवार को मॉस्को के लिए रवाना हो रहे हैं; जहां वह 24 जून को ग्रेट विक्ट्री डे सैन्य परेड के गवाह बनेंगे.' बता दें कि यह परेड पहले 9 मई को होने थी, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते इसे टाल दिया गया था.



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75 सदस्यीय भारतीय सैन्य दस्ता मॉस्को पहुंचा
परेड में शामिल होने के लिए 75 सदस्यीय भारतीय सैन्य दस्ता पहले ही मॉस्को पहुंच गया है. भारतीय मार्चिंग दस्ते का नेतृत्व गैलेंट सिख लाइट इंफैंट्री रेजिमेंट के मेजर रैंक के एक अधिकारी करेंगे. इस रेजिमेंट ने द्वितीय विश्व युद्ध में बहादुरी के साथ लड़ाई की थी और इसके नाम पर चार युद्ध सम्मान एवं दो सैन्य क्रॉस समेत अन्य वीरता पुरस्कार दर्ज हैं.

चीन के साथ तनाव बरकरार
बता दें कि 15 जून की रात को भारतीय सेना का एक दल लद्दाख में गलवान घाटी के पेट्रोलिंग प्वाइंट-14 पर चीनी सेना से बात करने गया था. इस दौरान घात लगाकर बैठे चीनी सैनिकों ने भारतीय जवानों पर लोहे के रॉड, बैट, कटीलें तार, पत्थर और लाठी से हमला कर दिया. हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद गए, जबकि कई जख्मी हुए हैं.

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चीन को भी भारी नुकसान हुआ था. अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चीन के 43 सैनिकों के हताहत की खबर आई थी. हालांकि, चीन की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गई है. तब से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. (PTI इनपुट के साथ)
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