India-China Faceoff: पैगॉन्ग झील के पास PLA से झड़प के बाद सेना को LAC पर बड़े तनाव की आशंका

 पैंगोंग त्सो के दक्षिणी तट पर दोनों देशों की ओर से सैनिकों तैनाती बढ़ा दी गई है. (PTI)
पैंगोंग त्सो के दक्षिणी तट पर दोनों देशों की ओर से सैनिकों तैनाती बढ़ा दी गई है. (PTI)

India-China Rift: भारत और चीन के सैनिकों के बीच एक बार फिर बॉर्डर पर झड़प हुई है. जानकारी के मुताबिक ईस्टर्न लद्दाख (Ladakh) में पैंगोंग झील इलाके के पास दोनों देशों के सैनिक 29-30 अगस्त की रात को आमने-सामने आ गए. जिसके बाद एलएसी पर तनाव बढ़ गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 1, 2020, 7:25 AM IST
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श्रीनगर/लद्दाख. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के लद्दाख (Ladakh) में भारत और चीन के बीच (India-China Rift) तनाव फिर बढ़ गया है. चीन की साजिशों को नाकाम करते हुए भारतीय सेना (Indian Army) ने पैगॉन्ग त्सो झील के दक्षिणी हिस्से में मौजूद एक अहम चोटी पर कब्जा कर लिया. यह रणनीतिक रूप से काफी अहम मानी जाती है. यहां से चीनी सैनिक कुछ मीटर की दूरी पर हैं. इस बीच, चीन ने सोमवार शाम कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर तनाव बढ़ने का खतरा है. चीन ने भारत के रुख को आक्रामक बताया है. ऐसे में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैन्य वृद्धि की आशंका बढ़ गई है. इन बयानों के बाद पैंगोंग त्सो के दक्षिणी तट पर दोनों देशों की ओर से सैनिकों तैनाती बढ़ा दी गई है.

आर्मी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि चीनी बलों ने यह 'उकसाने वाली सैन्य कार्रवाई' करते हुए आपसी सहमति का उल्लंघन किया. इस घटनाक्रम के बाद पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में भारत और चीन के बीच एलएसी पर फिर तनाव की स्थिति बन गई है. मई के महीने से ही इस इलाके में चीन के नापाक इरादों के कारण तनाव बना हुआ है, और तभी से तीन पॉइंट्स हॉट स्प्रिंग्स, गलवान वैली और पैंगोंग त्सो, झड़पों और कड़ी निगरानी के क्षेत्र बने हुए हैं.

LAC पर कहां देखी गई चीनी सैनिकों की गतिविधि?

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, पैंगोंग त्सो के उत्तरी किनारे में भारतीय सेना सिर्फ पैट्रोलिंग करती है. इसके विपरीत दक्षिणी किनारे में एलएसी के बहुत करीब भारतीय सैनिकों की जोरदार तरीके से मौजूदगी देखी गई. चीन की सेना पीएलए भारतीय तैनाती के बारे में पूरी तरह से वाकिफ है. फिलहाल चीन की ओर से किसी भी बदलाव की कोशिश नहीं हुई है. एलएसी भारतीय चौकियों से 8 किमी पश्चिम में स्थित है.

स्पेशल बटालियन ने किया कौन सा ऑपरेशन?

पैगॉन्ग त्सो झील के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक चोटी पर चीन कब्जा करना चाहता है, क्योंकि यह रणनीतिक लिहाज से काफी अहम मानी जाती है. रविवार और सोमवार की दरमियानी रात चीनी सैनिकों ने इस पर कब्जे की साजिश रची, लेकिन भारतीय सेना ने हाल ही में तैनात स्पेशल ऑपरेशन बटालियन ने न सिर्फ उन्हें खदेड़ दिया, बल्कि यह पूरी चोटी अपने कब्जे में ले ली. पीएलए की इस हिमाकत से साफ है कि चीन अपनी धारणा के तहत एलएसी पर यथास्थिति को बदलने की कोशिश कर रहा है. अगर यही प्रवृत्ति जारी रहती है, तो पीएलए डेमचोक और चुमार जैसी जगहों पर आगे इसी तरह के कदम उठाने की कोशिश कर सकता है. टिंडरबॉक्स पर पहले से ही तनाव है. ऐसे में सीमा को लेकर कोई भी गलतफहमी दोनों पक्षों के बीच बड़े तनाव का कारण बन सकती है.

लद्दाख में पूरी विवादित सीमा अब किसी भी सैन्य कदम के लिए चालू

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