India-China Clash: विदेश मंत्रालय ने कहा- अजित डोभाल के नाम से झूठ फैला रहा है चीन, मीडिया न दे तवज्जो

India-China Clash: विदेश मंत्रालय ने कहा- अजित डोभाल के नाम से झूठ फैला रहा है चीन, मीडिया न दे तवज्जो
सेना ने ये भी कहा है कि हम शांति कायम रखना चाहते हैं, लेकिन देश की संप्रभुता और सरहदों की रक्षा किसी भी कीमत पर करेंगे.

India-China Clash: भारतीय सेना (Indain Army) ने मंगलवार को जारी बयान में चीन की पोल खोल दी. सेना ने कहा, 'हमारी ओर से वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति सामान्य करने की कोशिश जारी है, जबकि चीन उकसाने वाली हरकतें कर रहा है. हमने एलएसी पार नहीं की और न ही फायरिंग या कोई ऐसी अग्रेसिव हरकत नहीं की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 8, 2020, 2:57 PM IST
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नई दिल्ली. लद्दाख (Ladakh Border) में चीन के साथ सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है. चीन ने सोमवार देर रात वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर पेट्रोलिंग के दौरान भारतीय सीमा की ओर से फायरिंग का आरोप लगाया है, जिसे भारत सरकार ने साफ तौर पर खारिज कर दिया है. भारतीय सेना के बाद अब विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी चीन के LAC पर फायरिंग के आरोपों को खारिज किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा- 'हमने ग्लोबल टाइम्स के साथ ही चीनी मीडिया में चल रहे रिपोर्ट्स देखें. इसमें NSA अजित डोभाल (Ajit Doval) को लेकर भी कुछ कमेंट्स किए गए हैं. ये रिपोर्ट पूरी तरह से फर्जी और झूठे हैं. इनका कोई आधार नहीं है. हम मीडिया से ऐसी रिपोर्टिंग से परहेज करने का आग्रह करते हैं.'

ये है चीन का झूठ
चीनी सेना के वेस्टर्न थियेटर कमांड के प्रवक्ता के मुताबिक, भारतीय सैनिकों ने 7 सितंबर को पैंगॉन्ग सो के दक्षिणी किनारे पर एलएसी पार कर घुसपैठ की कोशिश की. भारतीय सेना ने एलएसी पार करने के बाद हवाई फायर भी किए. उसका आरोप है कि भारतीय सेना ने शेनपाओ इलाके में एलएसी पार की और जब चीनी की पेट्रोलिंग पार्टी भारतीय जवानों से बातचीत करने के लिए आगे बढ़ी तो उन्होंने जवाब में वॉर्निंग शॉट किए यानी हवा में गोली चलाई.

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भारतीय सेना ने खोली चीन की पोल


भारतीय सेना ने मंगलवार को आधिकारिक बयान देते हुए चीन की पोल खोल दी. सेना ने कहा, 'हमारी ओर से लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर स्थिति सामान्य करने की कोशिश जारी है, जबकि चीन उकसाने वाली हरकतें कर रहा है. हमने एलएसी पार नहीं की और न ही फायरिंग या कोई ऐसी अग्रेसिव हरकत नहीं की है. चीन बेपरवाह होकर दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन करता जा रहा है.' सेना ने कहा कि एक ओर वो हमारे साथ मिलिट्री, डिप्लोमैटिक और राजनीतिक स्तर पर बातचीत कर रहे हैं और दूसरी ओर ऐसी हरकतें.

संप्रभुता और सरहदों की रक्षा की कीमत पर शांति नहीं
सेना ने ये भी कहा है कि हम शांति कायम रखना चाहते हैं, लेकिन देश की संप्रभुता और सरहदों की रक्षा किसी भी कीमत पर करेंगे. सेना के मुताबिक, चीन के वेस्टर्न थियेटर कमांड ने झूठे बयान के जरिए अपने देश और बाकी दुनिया के लोगों को गुमराह करने की कोशिश की है.

7 तारीख की रात क्या हुआ?
सूत्रों का कहना है कि 7 सितंबर की रात चीनी सैनिकों की एक पेट्रोलिंग टीम लोहे की रॉड और कटीले डंडे लेकर मुखपारी चोटी पर कब्‍जे के लिए आगे की ओर बढ़ रही थी, तभी भारतीय जवानों ने उन्‍हें रोक लिया. कई बार चेतावनी के बाद जब चीनी सैनिक नहीं माने, तब जवानों ने उन्हें खदेड़ दिया. इस दौरान सेना ने किसी भी तरह की गोलीबारी से इनकार किया है.

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चीन के बौखलाहट की ये है वजह
लद्दाख के पैंगोंग झील के इलाकों को लेकर चीन तीन कारणों से बौखलाया हुआ है. पहला - ब्लैक टॉप और हेलमेट टॉप पर भारतीय सेना के मजबूत पोजीशन लेने के बाद चीन की पोस्ट भारतीय फायरिंग रेंज में हैं. दूसरा - भारतीय सैनिक ऊंचाई पर हैं, जबकि चीन की पोस्ट नीचे. इससे चीन की पोजीशन और ट्रूप को भारतीय इलाकों से देखा जा सकता है. तीसरा- हमारी पोजीशन से चीन के भारतीय इलाकों में एंट्री पॉइंट्स बंद हो गए हैं. वहां अब भारतीय सेना का दबदबा है.
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