Border Tension:भारत-चीन सैन्य कमांडरों के बीच जल्द होगी 10वें दौर की वार्ता, निकलेगा सीमा विवाद का हल?

भारत और चीन के बीच कमांडर स्तर की 9वें दौर (India China 9th round Talk) की बातचीत 25 जनवरी को लगभग 15 घंटे से ज़्यादा देर तक चली थी.

भारत और चीन के बीच कमांडर स्तर की 9वें दौर (India China 9th round Talk) की बातचीत 25 जनवरी को लगभग 15 घंटे से ज़्यादा देर तक चली थी.

India china border tension: पिछले दौर की बातचीत के संयुक्त बयान का हवाला देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा, ' यह कहा गया कि दोनों पक्ष संबंधित देशों के नेताओं की महत्वपूर्ण सहमति का पालन करने और वार्ता की गति बनाए रखने को लेकर राजी हुए.'

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  • Last Updated: January 29, 2021, 5:43 AM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में सैनिकों की वापसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के वास्ते भारत और चीन जल्द ही कमांडर स्तर की 10वें दौर (India- China 10th round of commander level talks) की वार्ता आयोजित करने पर सहमत हुए है. सीमा गतिरोध को लेकर भारत और चीन पिछले सप्ताह हुई सैन्य स्तर की 9वें दौर की बातचीत में सैनिकों की जल्द वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाने और पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में हालात को नियंत्रण एवं स्थिर करने के वास्ते प्रभावी प्रयास करने पर सहमत हुए थे.

पिछले दौर की बातचीत के संयुक्त बयान का हवाला देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा, ' यह कहा गया कि दोनों पक्ष संबंधित देशों के नेताओं की महत्वपूर्ण सहमति का पालन करने और वार्ता की गति बनाए रखने को लेकर राजी हुए.'

15 घंटे तक चली थी 9वें दौर की वार्ता

भारत और चीन के बीच कमांडर स्तर की 9वें दौर (India China 9th round Talk) की बातचीत 25 जनवरी को लगभग 15 घंटे से ज़्यादा देर तक चली थी. इस बैठक में भारत की ओर से सेना के 14 कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन और चीन की तरफ से दक्षिणी शिनजियांग मिलिट्री रीजन कमांडर मेजर जनरल लियू लिन ने हिस्सा लिया था.
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इससे पहले, छह नवंबर को हुई आठवें दौर की वार्ता में दोनों पक्षों ने टकराव वाले खास स्थानों से सैनिकों को पीछे हटाने पर व्यापक चर्चा की थी. वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह स्थित 14 वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन कर रहे हैं. भारत लगातार यह कहता आ रहा है कि पर्वतीय क्षेत्र में टकराव वाले सभी स्थानों से सैनिकों को वापस बुलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और तनाव को कम करने की जिम्मेदारी चीन की है.



पिछली वार्ता में नहीं निकला था कोई ठोस नतीजा

अधिकारियों के अनुसार चीन ने भी इतनी ही संख्या में अपने सैनिकों को तैनात किया है. पिछले महीने, भारत और चीन ने भारत-चीन सीमा मामलों पर ‘परामर्श एवं समन्वय के लिए कार्यकारी तंत्र’ (डब्ल्यूएमसीसी) ढांचा के तहत एक और दौर की राजनयिक वार्ता की थी, लेकिन इस वार्ता में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था.
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