सैन्य कमांडरों के बीच बातचीत के बाद भारत की चीन को चेतावनी- LAC पर तनाव वाले इलाकों से पूरी तरह पीछे हटें

सैन्य कमांडरों के बीच बातचीत के बाद भारत की चीन को चेतावनी-  LAC पर तनाव वाले इलाकों से पूरी तरह पीछे हटें
चीन ने लद्दाख के कई इलाकों में सीमा पर सैनिकों की तैनाती की है (सांकेतिक फोटो)

India-China Standoff: चीनी सेना गलवान घाटी और टकराव वाले कुछ दूसरे स्थानों से पहले ही पीछे हट चुकी है, लेकिन भारत की मांग के मुताबिक पैंगोंग सो में फिंगर इलाकों से सैनिकों को वापस बुलाने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 3, 2020, 8:21 AM IST
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लद्दाख. भारत और चीन के बीच तनाव (India-China Standoff) खत्म करने को लेकर रविवार को एक बार फिर से पांचवें दौर की कमांडर लेवल की बातचीत हुई. करीब 11 घंटे तक चली इस बैठक में भारत की तरफ से लेह स्थित 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह थे, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व दक्षिणी शिनजियांग सैन्य क्षेत्र के कमांडर, मेजर जनरल लियू लिन ने किया. इस बातचीत के बाद भारत ने चीन को एक बार फिर से दो टूक शब्दों में वास्तवित नियंत्रण रेखा (LAC) के तनाव वाले सारे इलाकों से पीछे हटने को कहा है.

चीन को चेतावनी
दोनों पक्षों के बीच ये बैठक सुबह 11 बजे से लेकर रात के 10 बजे तक चली. सूत्रों के मुताबिक बातचीत के दौरान भारत ने पैंगोंग सो और पूर्वी लद्दाख में LAC के पास टकराव वाले सभी स्थानों से चीनी सैनिकों के जल्द से जल्द पूरी तरह पीछे हटने को लेकर जोर डाला. भारत की तरफ से एक बार फिर से कहा गया है कि 5 मई से पहले वाली स्थिति तत्काल बहाल की जाए. सूत्रों ने कहा कि चीनी सेना गलवान घाटी और टकराव वाले कुछ दूसरे स्थानों से पहले ही पीछे हट चुकी है, लेकिन भारत की मांग के मुताबिक पैंगोंग सो में फिंगर इलाकों से सैनिकों को वापस बुलाने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है.

6 जून से हो रही है बातचीत
कोर कमांडर स्तर की पहली चरण की बातचीत छह जून को हुई थी, जब दोनों पक्षों ने गलवान घाटी से शुरू करते हुए गतिरोध वाले सभी स्थानों से धीरे-धीरे पीछे हटने के समझौते को आखिरी रूप दिया था. सैनिकों के पीछे हटने की औपचारिक प्रक्रिया छह जुलाई को शुरू हुई थी, जिसके एक दिन पहले क्षेत्र में तनाव कम करने के तरीकों पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच लगभग दो घंटे फोन पर बातचीत हुई थी.



सेना की तैयारी
इस बीच सेना ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद का समाधान जल्द निकल पाने के संकेत नहीं मिलने के चलते फिर से डेरा डालना शुरू कर दिया है. इलाके के सभी अहम स्थानों पर सैन्य बलों, टैंकों और अन्य हथियारों की मौजूदा संख्या को सर्दियों के महीनों में भी बरकरार रखने की तैयारी शुरू कर दी है. शीर्ष सैन्य अधिकारियों और सामरिक विशेषज्ञों ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी और अन्य स्थानों पर हालात का शनिवार को जायजा लिया. कहा जा रहा है कि थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे तैयारियों के संबंध में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लगातार जानकारी दे रहे हैं.
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