India-China Standoff: बातचीत से मानता नहीं दिख रहा चीन, LAC पर तेजी से बदल रहा सैनिक

दोनों देशों के कोर कमांडर स्तर की सातवीं बैठक एलएसी पर भारत की तरफ चुशूल में होगी. (PTI)
दोनों देशों के कोर कमांडर स्तर की सातवीं बैठक एलएसी पर भारत की तरफ चुशूल में होगी. (PTI)

PLA ने फिंगर प्वाइंट चार पर पैंगोंग सो के उत्तर में तैनात सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए अतिरिक्त ब्रिगेड की तैनाती की है. सैन्य कमांडरों के मुताबिक यहां का मौसम तेजी से बदल रहा है इसलिए चीन (China) यहां पर समय समय पर सैनिकों को बदलने का काम कर रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 12, 2020, 2:24 PM IST
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नई​ दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में भारत (India) और चीन (China) की सेनाओं के ​बीच हुई ​हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है. दोनों ही देशों की सेनाएं वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर आमने सामने डटी हुई हैं. एक ओर जहां चुशुल में भारत और चीन के बीच आज 7वें दौर की सैन्य कूटनीतिक वार्ता चल रही है वहीं खबर मिली है कि पैंगोंग सो के उत्तरी तट पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने सैनिकों की गतिविधियां बढ़ा दी हैं. चीन की इस हरकत को देखने के बाद ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि चीन की अभी पीछे हटने या फिर सीमा पर गतिरोध कम करने की कोई योजना नहीं है.

जानकारी के मुताबिक पीएलए ने फिंगर प्वाइंट चार पर पैंगोंग सो के उत्तर में तैनात सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए अतिरिक्त ब्रिगेड की तैनाती की है. सैन्य कमांडरों के मुताबिक यह देखते हुए कि यहां का मौसम तेजी से बदल रहा है इसलिए चीन यहां पर समय समय पर सैनिकों को बदल रहा है, जिससे उन पर मौसम का असर कम हो. 18,000 फीट पर मौजूद फिंगर प्वाइंट चार पर लगातार सैनिकों को बदला जा रहा है. पीएलए एक समय में यहां पर 200 सैनिकों की तैनाती कर रहा है ताकि फ्रंट लाइन के सैनिकों का मनोबल बढ़ाया जा सके. चीन की तैयारी को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि इस सर्दी चीन की सेना पीछे हटने के लिए किसी भी सूरत में तैयार नहीं है.

बता दें कि भारत और चीन के बीच कोर कमांडर के सातवें दौर की वार्ता आज हो रही है. इस बैठक में भारत चीन पर सैनिकों को पीछे हटाने का दबाव बनाएगा. दोनों देशों के बीच में पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पिछले कई महीनों से गतिरोध चल रहा है.
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लेफ्टिनेंट जनरल मेनन भी मीटिंग में हैं मौजूद
जानकारी के मुताबिक, भारत की तरफ से इस मीटिंग में लेह स्थित 14वीं कोर ('फायर एंड फ्यूरी') के कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह की ये आखिरी मीटिंग होगी. 14 अक्टूबर से उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन ले रहे हैं. हरिंदर सिंह का अपना कोर कमांडर स्तर का कार्यकाल खत्म हो गया है और अब वह देहरादून स्थित‌ आईएमए यानी इंडियन मिलिट्री एकेडमी के कमांडेंट नियुक्त कर दिए गए हैं. सोमवार को होनी वाली मीटिंग में भारतीय प्रतिनिधिमंडल में लेफ्टिनेंट जनरल मेनन भी मौजूद रहेंगे.

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पिछली बार कब हुई थी मीटिंग?
इससे पहले दोनों देशों के बीच मोल्डो में चीनी क्षेत्र में 21 सितंबर को छठे दौर की कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी. यह बैठक लगभग 14 घंटे तक चली थी. इसमें विदेश मंत्रालय के अफसर भी शामिल हुए थे. बैठक में तनाव कम करने के तरीकों पर चर्चा की गई. भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुआई भारतीय सेना की लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने की. सैन्य वार्ता के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल में पहली बार विदेश मंत्रालय के किसी वरिष्ठ अधिकारी को शामिल किया गया था.
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