India China Standoff : पैंगोंग झील के उत्तर में चीन ने शुरू किया कंस्ट्रक्शन का काम, भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार

India China Standoff : पैंगोंग झील के उत्तर में चीन ने शुरू किया कंस्ट्रक्शन का काम, भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार
लद्दाख के इलाकों में सुखोई सहित भारतीय वायुसेना के दूसरे विमानों की गतिविधियां बढ़ गई है.

India China Standoff: 29-30 अगस्त को हुई झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है. भारत के सैनिक अब पैंगोंग झील (Pangong) के दक्षिणी किनारे पर ऊंची चोटियों पर पहुंच गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 10, 2020, 4:14 PM IST
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लेह. पूर्वी लद्दाख (Ladakh Border Dispute) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पैंगोंग झील (Pangong Tso Laske) के पास तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. कहा जा रहा है कि भारत और चीन की सेना यहां आमने-सामने है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन (China) ने पैंगोंग झील के पास कंस्ट्रक्शन का काम शुरू कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार शाम से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों की संख्या में लगातार इज़ाफा देखा जा रहा है. चीनी सैनिक यहां अपने साथ ढेर सारे सामान लेकर पहुंच रहे हैं. कहा जा रहा है कि 5 से 7 हज़ार चीनी सैनिक टैंक और बाकी हथियारों के साथ सीमा पर तैनात हैं. इसके अलावा करीब 50 हजार सैनिक एलएसी पर पहुंच गए हैं. लेकिन भारत भी चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है.

इन इलाकों में बढ़ी गतिविधियां
बता दें कि पैंगोंग झील का उत्तरी इलाका आठ अलग-अलग फिंगर एरिया में बंटा है. भारत का दावा है कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) फिंगर आठ से शुरू होती है और फिंगर चार तक जाती है. लेकिन चीनी सेना एलएसी को नहीं मान रही. चीन के सैनिक फिंगर चार के पास डटे हुए हैं. वे फिंगर पांच से आठ के बीच कंस्ट्रक्शन कर रहे हैं. मंगलवार रात को फिंगर 3 इलाके के पास एक चीनी निर्माण देखा गया था.

भारतीय सेना ने कसा शिकंजा
कहा जा रहा है कि 29-30 अगस्त को हुई झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है. भारत के सैनिक अब पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर ऊंची चोटियों पर पहुंच गए हैं. जबकि चीन की सेना यहां के निचले इलाकों में है. झील के दक्षिणी किनारे के आसपास की जमीन ज्यादा समतल और चौड़ी है. जबकि उत्तरी भाग में ऐसा नहीं है. रास्ता जिन पहाड़ों के बीच से होकर गुजरता है उनकी ऊंचाई 16 हजार फीट तक है और अब भारत के सैनिक इन पहाड़ों की ऊंचाई पर मुस्तैद हैं.



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जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार
इस बीच लद्दाख के इलाकों में सुखोई सहित भारतीय वायुसेना के दूसरे विमानों की गतिविधियां बढ़ गई हैं. अधिकारियों ने ये भी कहा कि सीमा पर तैनात सभी जवानों को बेहद सतर्क रहने को कहा गया है. अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है लेकिन इस दौरान भी चीन की तरफ से दबाव और उकसावे की कार्रवाई की जा रही है. हालांकि भारतीय अधिकारी का दावा है कि हम पूरी तरह से तैयार हैं.
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