India-China Standoff: पूर्वी लद्दाख में LAC पर चीन का सामना करने में भारतीय सेना की मदद करेंगे दो कूबड़ वाले ऊंट

डबल हंप कैमेल करेगा लद्दाख में भारतीय सेना की मदद
डबल हंप कैमेल करेगा लद्दाख में भारतीय सेना की मदद

India China Faceoff: भारत ने पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर कई पर्वत चोटियों पर तैनाती की और किसी भी चीनी गतिविधि को नाकाम करने के लिये क्षेत्र में फिंगर 2 और फिंगर 3 इलाकों में अपनी मौजूदगी मजबूत की है. चीन फिंगर 4 और फिंगर 8 के बीच के इलाकों पर कब्जा कर रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2020, 11:15 AM IST
  • Share this:
लेह. वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत का चीन (India China Faceoff) के साथ गतिरोध जारी है. दोनों देशों के करीब एक लाख सैनिक सीमा पर तैनात हैं. इस बीच बदलते मौसम और आगे के कुछ महीनों में आने वाली कड़ाके की सर्दी के लिए भारतीय सेना की तैयारी जारी है. सर्द मौसम में सीमा पर लंबे समय तक के लिए टिके रहने के लिए वहां चिकित्सा, सैन्य और अन्य जरूरी सामान पहुंचाए जाने के लिए बर्फीले रास्तों को जारी रखने और पुलों को मजबूत किया जा रहा है.

इसी कड़ी में रक्षा अनुसंधान एवं विकास (DRDO) संगठन ने डबल हंप कैमेल यानी दो कूबड़ों वाले ऊंट पर अपना रिसर्च पूरा कर लिया है और आने वाले दिनों में सीमा की अग्रिम चौकियों पर सैनिकों को राशन और हथियार पहुंचाने में मदद करेगा. बीते साल वायुसेना में शामिल हुआ चीनूक एक ओर जहां टैंक ले जाएगा, वहीं ये ऊंट छोटे हथियार और रसद लेकर जाएंगे.

इन ऊंटों की आने वाले दिनों में बड़ी भूमिका हो सकती है. ये ऊंट 17 हजार फीट की ऊंचाई तक ये 170 किलो के राशन और हथियार ले जाने में सक्षम हैं. इसके साथ ही ऊंट पेट्रोलिंग में मदद करेंगे. कर्नल मनोज बत्रा ने News18 इंडिया के संवाददाता अरुण कुमार सिंह के सवालों का जवाब देते हुए जानकारी दी कि ये ऊंट इस परिवेश में ढला हुआ है ऐसे में सेना को इनसे काफी मदद मिलेगी.





कर्नल बत्रा ने बताया कि जिन इलाकों में हम सामान नहीं पहुंचा पा रहे थे वहां हथियार, रसद, साज-ओ-सामान लेकर ये ऊंट लेकर जा सकते हैं. ये ऊंट तीन दिन तक बिना पानी के रह सकते हैं और आर्मी एनिमल के तौर पर फिट है.  बताया कि इनकी मदद से हमारी सैन्य क्षमता बढ़ जाएगी.उन्होंने कहा कि आने वाले 6 महीने के भीतर ये ऊंट तैनात कर दिए जाएंगे.

यह भी पढ़ें: India-China LAC Rift: लद्दाख में बीमार पड़ने लगे चीनी सैनिक, फिंगर 4 से ले जाए गए अस्पताल

सरकार ने पूर्वी लद्दाख में संपूर्ण स्थिति, अभियानगत तैयारियों की व्यापक समीक्षा की
वहीं सरकार ने पूर्वी लद्दाख में भारत की अभियानगत तैयारियों सहित क्षेत्र में संपूर्ण स्थिति की शुक्रवार को व्यापक समीक्षा की. सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि चीनी सेना के लगातार आक्रामक रुख अपनाये रखने और क्षेत्र में भारतीय सैनिकों को फिर से डराने की कोशिश किये जाने के मद्देनजर यह बैठक की गई.

सूत्रों ने बताया कि उच्चाधिकार प्राप्त ‘चाइना स्टडी ग्रुप’ की करीब 90 मिनट चली बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम सेक्टरों समेत करीब 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास सतर्कता और बढ़ाए जाने पर भी विचार किया.

बताया कि थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने बैठक में पैंगोंग झील के उत्तर एवं दक्षिण किनारे पर भारतीय एवं चीनी बलों के फिर से आमने-सामने होने के संबंध में जानकारी दी और इस प्रकार की कोशिशों से प्रभावशाली तरीके से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया. एक सूत्र ने कहा, ‘चाइना स्टडी ग्रुप की बैठक में हालात के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई.’
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज