India-china standoff: माइक पोंपियो का भारत दौरा होगा खास, चीन के खिलाफ ये है US की रणनीति

माइक पोंपियो का भारत दौरा इसलिए होगा खास. (AP)
माइक पोंपियो का भारत दौरा इसलिए होगा खास. (AP)

India-china standoff: अमेरिकी विदेश विभाग में डेप्‍यूटी असिस्‍टेंट सेक्रेटरी डीन थामसन ने कहा कि चीन के साथ जिन देशों का विवाद है उन्‍हें एक मंच पर लाना है. चीन कुटिल नीति के जरिए जैसे अपने प्रभाव को बढ़ा चुका है या बढ़ा रहा है, उसे रोकना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2020, 5:44 AM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. भारत-चीन तनाव (Indo-China Tension) के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो (Mike Pompeo) का अगले हफ्ते भारत दौरा काफी अहम माना जा रहा है. और सबसे बड़ी बात यह है कि माइक पोंपियो भारत के दौरे के बाद श्रीलंका और मालदीव (Sri Lanka and Maldives) भी जाएंगे. दरअसल, चीन ऋण के जाल में फंसा कर श्रीलंका और मालदीव जैसे देशों को कैसे अपने कब्‍जे में रखना चाहता है ये तो सभी लोग जानते ही हैं. वहीं दक्षिण चीन सागर को लेकर भी ऐसा कहा जाता है कि हिंद महासागर पर जिसका नियंत्रण है वहीं चीन को कमजोर कर सकता है. और इस बीच चीन की अमेरिका और भारत को धमकी कि उसके हितों के खिलाफ काम करने की अगर किसी ने कोशिश की तो वह शांत नहीं रहेगा.

टाइम्‍स ऑफ इंडिया के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग में डेप्‍यूटी असिस्‍टेंट सेक्रेटरी डीन थामसन ने कहा कि चीन के साथ जिन देशों का विवाद है उन्‍हें एक मंच पर लाना है. चीन कुटिल नीति के जरिए जैसे अपने प्रभाव को बढ़ा चुका है या बढ़ा रहा है, उसे रोकना है. चीन की सीमावर्ती देशों पर हमारी विशेष नजर है. वाशिंगटन, चीन पर कूटनीतिक दबाव बढ़ा रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस महीने की शुरुआत में भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की एक बैठक का नेतृत्व किया था. टोक्यो में हुई इस बैठक को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती मुखरता के खिलाफ एक संभावित लड़ाई के रूप में देखा जा सकता है.

वहीं, अगले महीने भारत संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ सबसे बड़े नौसैनिक अभ्यास मालाबार की मेजबानी करेगा, जिसपर चीन ने आपति जताई थी. बीजिंग ने इस महीने कहा कि चीन के खिलाफ अमेरिका के आरोपों ने 'शीत युद्ध की मानसिकता' को खत्म कर दिया. वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री की यात्रा पर भारतीय अधिकारियों ने कहा कि यात्रा के दौरान माइक पोंपियो के साथ रक्षा सचिव मार्क ओस्‍लो भी होंगे. भारत अमेरिका के बीच एक और सैन्‍य हस्‍ताक्षर की उम्‍मीद है, जो भारत की संवेदनशीन अमेरिकी सैटेलाइट तक पहुंचा आसान कर देगा. एक भारतीय अधिकारी ने कहा, 'हमारे रक्षा सहयोग में और अधिक संभावनाएं हैं.'



ये भी पढ़ें: इमरान को झटका, FATF की ग्रे लिस्ट में ही रहेगा पाक, फरवरी तक 6 मापदंडों को पूरा करना होगा
ये भी पढ़ें: तुर्की में अमेरिकी दूतावास पर आतंकी हमले का अंदेशा, पूरे इलाके में हाई अलर्ट

भारत चीन विवाद पर ट्रंप प्रशासन का मानना है कि पूर्वी लद्दाख में चीन की तरफ से जानबूझकर भारत को उकसाने के लिए कदम उठाए गए. आज के समय में चीन बातचीन की तो बात करता है लेकिन जमीनी स्‍तर पर उसकी नीयत साफ नहीं है. अगर चीन की नीयत साफ होता तो एलएसी पर वह स्‍थाई निर्माण जैसी कोई हरकत नहीं करता.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज