लद्दाख: भारत ने गलवान नदी पर बनाया महत्वपूर्ण पुल, चीन करता रह गया विरोध: सूत्र

लद्दाख: भारत ने गलवान नदी पर बनाया महत्वपूर्ण पुल, चीन करता रह गया विरोध: सूत्र
यह उपग्रह तस्वीर 16 जून, 2020 को भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास लद्दाख क्षेत्र में गलवान घाटी क्षेत्र को दिखाती है (फोटो- AP)

इस पुल (Bridge) का निर्माण उन तमाम वजहों में से एक था, जिसके चलते चीन (China) आक्रामकता दिखा रहा था. इसके चलते भी चीनी सेना (PLA) और भारतीय सेना (Indian Army) के बीच पिछले छह हफ्तों से इस इलाके में तनातनी चल रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 20, 2020, 12:40 AM IST
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नई दिल्ली. भारत ने पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पुल का निर्माण गलवान नदी (Galwan River) के ऊपर कर लिया है. भारत ने ऐसा चीन (China) की ओर से इस पुल को लेकर बेहद आक्रामक विरोध (Aggressive Protest) के बावजूद किया है. इस बात की जानकारी शुक्रवार को सरकारी सूत्रों ने दी.

इस पुल (Bridge) का निर्माण उन तमाम वजहों में से एक था, जिसके चलते चीन (China) आक्रामकता दिखा रहा था. यह पुल भी एक वजह था, जिसके चलते चीनी सेना (PLA) और भारतीय सेना (Indian Army) के बीच पिछले छह हफ्तों से इस इलाके में तनातनी चल रही है.

भारतीय-चीनी सैनिकों की हिंसक जगह से बहुत दूर नहीं है यह पुल
60 मीटर का यह पुल श्योक और गलवान नदियों के संगम से लगभग चार किलोमीटर पूर्व में है, और संकरे पहाड़ी क्षेत्र को श्योक-दौलत बेग ओल्डी सड़क से जोड़ता है.
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सूत्रों ने कहा कि यह पुल उस इलाके में भारतीय सैनिकों की तेज आवाजाही की सुविधा देगा, जो सोमवार शाम को गलवान में हुई हिंसक झड़प की जगह से बहुत दूर नहीं है.

नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा, "पुल निश्चित रूप से क्षेत्र में भारतीय सैनिकों की आवाजाही में सुधार करेगा. हमने सैन्य गतिरोध और चीनी सेना के कड़े विरोध के बावजूद पुल का निर्माण पूरा किया."

नाथू ला के बाद से सोमवार शाम हुई थी सबसे बड़ी भिडंत
गलवान घाटी सोमवार शाम को दोनों सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प का स्थल बना था जिसमें एक कर्नल और 19 अन्य भारतीय सेना के जवान शहीद हुए थे. पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अभी तक सीमा पार से हुई झड़प के दौरान हताहतों की संख्या के बारे में बात नहीं की है. जो कि 45 वर्षों में सबसे बुरी झड़प रही.

गलवान घाटी की हिंसक झड़प नाथू ला (Nathu La) में 1967 के संघर्ष के बाद से यह दोनों सेनाओं के बीच का सबसे बड़ा टकराव है. जिसमें भारत के करीब 80 सैनिक शहीद हुए थे और चीन के 300 से अधिक मारे गए थे.

दोनों पक्षों के बीच सैन्य वार्ता का दौर किया जा रहा है आयोजित
गलवान में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पार करके निगरानी चौकी के निर्माण के चीनी सैनिकों के कदम का विरोध करने पर भारतीय सैनिकों पर भीषण हमला किया था. जिसे अंजाम देने के लिए पत्थरों, कील लगी छड़ों, लोहे की छड़ों और क्लबों का इस्तेमाल किया गया था. सैन्य सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्ष शुक्रवार को सैन्य वार्ता (Military Talks) का एक और दौर आयोजित कर रहे हैं.
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