सीमा विवाद: जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री के बीच हो सकती है बातचीत, अगले महीने मॉस्को में मिल सकते हैं दोनों नेता

सीमा विवाद: जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री के बीच हो सकती है बातचीत, अगले महीने मॉस्को में मिल सकते हैं दोनों नेता
एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी (फ़ाइल फोटो)

India china standoff: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organization) की बैठक के लिए भारत को न्योता मिला है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 28, 2020, 7:35 AM IST
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नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर गतिरोध लगातार बरकरार है. इस बीच खबर है कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) अगले महीने रूस के दौरे पर जा सकते हैं. यहां उनकी मुलाकात चीन के विदेश मंत्री वांग यी (Chinese Foreign Minister wang Yi) से हो सकती है. रूस की राजधानी मॉस्को में 9-11 सितबंर के बीच शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organization) की बैठक होने वाली है. ऐसे कहा जा रहा है कि दोनों नेता यहां सीमा पर तनाव कम करने के लिए बातचीत कर सकते हैं.

फेस टू फेस बातचीत संभव
15 जून को गलवान घाटी में हुए हिंसक झड़प के बाद दोनों नेताओं के बीच ये पहली फेस टू फेस मुलाकात हो सकती है. इससे पहले ये दोनों 23 जून को रूस-भारत-चीन विदेश मंत्रियों (RIC Foreign Ministers) की बैठक में वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के जरिये मिल चुके हैं. इसके अलावा गलवान में हिंसक झड़प के दो दिन बाद यानी 17 जून को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वांग यी से फोन पर बातचीत की थी.

जयशंकर के दौरे पर जल्द होगा फैसला
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को कहा कि शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के लिए भारत को न्योता मिला है. उन्होंने कहा कि इस बैठक में भाग लेने को लेकर जैसे ही भारत सरकार कोई फैसला करेगी, इसकी जानकारी मीडिया को दे दी जाएगी. इस बीच रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की चार सितंबर को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बैठक होगी. इस बैठक में सामयिक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के अलावा भारत सहित पांचों सदस्य देशों के बीच सहयोग पर चर्चा की जाएगी. ब्रिक्स पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का संगठन है, जिसके सदस्यों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं. यहां भी भारत और चीक विदेशमंत्री की बातचीत हो सकती है.



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भारत-चीन के बीच राजनयिक गतिविधियां तेज 
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक नई दिल्ली और बीजिंग के बीच इन दिनों राजनयिक गतिविधियां तेज हो गई है. अखबार ने दावा किया है कि रूसी वार्ताकारों के जरिए इसे आगे बढ़ाया जा रहा है. रूस में भारतीय राजदूत डी बी वेंकटेश वर्मा लगातार रूसी अधिकारियों के संपर्क में हैं. इस हफ्ते की शुरुआत में भारतीय राजदूत ने रूसी विदेश मंत्रालय में उप मंत्री, इगोर मोर्गुलोव के साथ बातचीत की थी. अधिकारियों ने कहा कि बहुपक्षीय संघों में सहयोग और अलग-अलग स्तरों पर द्विपक्षीय संपर्कों पर चर्चा की गई.
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