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India-China Standoff: चीन और भारत के बीच तनाव कम करने के लिए सैन्य कमांडर स्तर की बैठक कल

न और भारत के बीच तनाव कम करने के लिए सैन्य कमांडर स्तर की बैठक कल (फोटो: रॉयटर्स)
न और भारत के बीच तनाव कम करने के लिए सैन्य कमांडर स्तर की बैठक कल (फोटो: रॉयटर्स)

सूत्रों के मुताबिक भारत (Indian) की ओर से इस बार की वार्ता में कुछ बदलाव किया जा सकता है.पिछली कुछ बैठकों की तरह इस बार भी विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के प्रतिनिधि इस बैठक का हिस्सा होंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 23, 2021, 2:53 PM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में पिछले नौ महीनों से भारत (Indian) और चीन (China) की सेनाओं के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक बार फिर दोनों देशों के बीच सैन्य कमांडर स्तर की बैठक होने जा रही है. दोनों देशों के बीच यह नौवें दौर की बैठक है. सूत्रों के मुता​बिक बैठक को लेकर रूपरेखा तैयार करने का काम जारी है. सूत्रों के मुताबिक भारत की ओर से इस बार की वार्ता में कुछ बदलाव किया जा सकता है.पिछली कुछ बैठकों की तरह इस बार भी विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि इस बैठक का हिस्सा होंगे.

अभी तक की जानकारी के मुताबिक दोनों देशों के बीच चुशूल सेक्टर के सामने चीन की तरफ मोल्डो में ये बैठक होगी. दोनों पक्षों के बीच आखिरी सैन्य बैठक छह नवंबर को हुई थी. गौरतलब है कि नॉर्दन आर्मी कमांडर के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुडा का कहना है कि भारत और चीन के सेनाओं के बीच बातचीत से नतीजा निकलने की उम्मीद कम है. इस विवाद को राजनियक स्तर पर ही दोनों देश सुलझा सकते हैं. बता दें कि करीब साढ़े तीन महीने पहले भारतीय सैनिक पूर्वी लद्दाख में पेगोंग झील के दक्षिण किनारे पर रणनीतिक रूप से अहम मुखपरी, रेचिन ला और मगर हिल इलाके के कई ऊंचाई वाले स्थानों पर काबिज हो गए थे.

भारतीय सेना ने ये कार्रवाई 29-30 अगस्त की दरमियानी रात को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा उन्हें धमकाने की कोशिश करने के बाद की. भारत ने साफ-साफ कहा है कि चीन के सैनिक इस साल अप्रैल से पहले जहां थे वो वहां चले जाएं. जबकि चीन भारतीय सैनिक को पीछे हटने को कह रहा है.
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तैयार है सेना
सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने कुछ दिन पहले ही पूर्वी लद्दाख में ऊंचाई पर स्थित विभिन्न अग्रिम चौकियों का दौरा किया था और चीन के साथ जारी गतिरोध के मद्देनजर भारत की सैन्य तैयारियों की समीक्षा की थी. सेना ने बताया कि जनरल नरवणे ने रेचिन ला सहित अग्रिम चौकियों का दौरा किया था और लद्दाख से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के हालात का आंकलन किया था. अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख के अलग-अलग ठिकानों जहां पर तापमान शून्य डिग्री से भी नीचे है, करीब 50 हजार जवानों को लड़ाई की स्थिति के लिए तैयार अवस्था में तैनात किया गया है.
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