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India-China Standoff: भारत-चीन के बीच ढाई महीने बाद बातचीत, मोल्डो में कोर कमांडर्स की बैठक शुरू

ढाई महीने बाद एक बार फिर भारत-चीन के बीच शुरू हुई कोर कमांडर्स की बैठक.
ढाई महीने बाद एक बार फिर भारत-चीन के बीच शुरू हुई कोर कमांडर्स की बैठक.

India-China Standoff: भारतीय सेना की तरफ से लेह स्थित 14वीं कोर (फायर एंड फ्यूरी कोर) के कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन जबकि चीन की तरफ से पीएलए के दक्षिणी झिंगज्यांग डिस्ट्रिक के कमांडर के नेतृत्व में बैठक हो रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 24, 2021, 11:32 AM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारत और चीन (India-China LAC Rift) की सेनाओं के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए आज एक बार फिर दोनों देशों के बीच सैन्य कमांडर स्तर की बैठक  शुरू हो गई है. ये बैठक चीन की तरफ से बुलाई गई है. दोनों देशों के बीच करीब ढाई महीने बाद कोई बैठक हो रही है. भारत और चीन के बीच चल रही सैन्य कमांडर स्तर की नौवें दौर की बैठक को लेकर भारत ने पूरी तैयारी की हुई है.

जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना की तरफ से लेह स्थित 14वीं कोर (फायर एंड फ्यूरी कोर) के कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन, जबकि चीन की तरफ से पीएलए के दक्षिणी झिंगज्यांग डिस्ट्रिक के कमांडर इस बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं. दोनों देशों के बीच ये बैठक एलएसी पर चीन के मोल्डो बीपीएम-हट में चल रही है. मीटिंग का एजेंडा डिसइंगेजमेंट और डि-एस्कलेशन होगा यानी दोनों देशों के सैनिक एलएसी से पीछे हट जाएं और सैनिकों की तादाद भी कम कर दी जाए.

बता दें कि आठ दौर की बैठक के बाद भी भारत और चीन के बीच टकराव खत्म नहीं हो रहा था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की बैठक लगभग बंद हो गई थी. पिछले करीब ढाई महीनों से दोनों देशों के बीच कोई बैठक नहीं हुई है. हालांकि, दोनों देशों के राजनयिक जरूर तनाव खत्म करने के लिए मुलाकात कर रहे हैं. अब दोनों देश सीमा पर चल रहे तनाव को कम करने के लिए आज एक बार फिर मुलाकात करने वाले हैं.
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दोनों पक्षों के बीच आखिरी सैन्य बैठक छह नवंबर को हुई थी. गौरतलब है कि नॉर्दन आर्मी कमांडर के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुडा का कहना है कि भारत और चीन के सेनाओं के बीच बातचीत से नतीजा निकलने की उम्मीद कम है. इस विवाद को राजनियक स्तर पर ही दोनों देश सुलझा सकते हैं. बता दें कि करीब साढ़े तीन महीने पहले भारतीय सैनिक पूर्वी लद्दाख में पेगोंग झील के दक्षिण किनारे पर रणनीतिक रूप से अहम मुखपरी, रेचिन ला और मगर हिल इलाके के कई ऊंचाई वाले स्थानों पर काबिज हो गए थे.
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