India-China standoff: सैटेलाइट तस्वीरों में दावा, गलवान घाटी में फिर से दिखे चीन के टेंट

India-China standoff: सैटेलाइट तस्वीरों में दावा, गलवान घाटी में फिर से दिखे चीन के टेंट
स्पेस टेक्नॉलॉजी की कंपनी मैक्सर ने सैटेलाइट तस्वीर जारी की है (फोटो- AP)

India-China standoff: मैक्सर की ये सैटेलाइट तस्वीरें 22 जून की है. दावा किया गया है कि ये टेंट 16 से 22 जून के बीच बनाए गए हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली.  लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव को कम करने के लिए भारत और चीन के बीच राजनयिक और मिलिट्री स्तर पर लगातार बातचीत चल रही है. लेकिन इस बीच सैटेलाइट से ली गई नई तस्वीरों के जरिए दावा किया गया है कि गलवान घाटी (Galwan Valley) में एक बार फिर से चीन ने टेंट गाड़ दिए हैं. इसी जगह 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. यहां भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे. जबकि दावा किया जा रहा है कि चीन के 45 से ज्यादा सैनिकों को मार गिराया गया था.

सेना का इनकार 
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि जिन टेंट्स को भारतीय सैनिकों ने 15 जून को हटाए थे वो वापस आ गए हैं. ये टेंट्स पेट्रोलिंग संख्या 14 के पास थे. हालांकि भारतीय सेना ने सीमा पर ऐसे किसी भी नए स्ट्रक्चर होने से इनकार किया है. न्यूज़ 18 भी इस सैटेलाइट तस्वीर की पुष्टि नहीं करता है. स्पेस टेक्नॉलॉजी की कंपनी मैक्सर (Maxar) ने इन सैटेलाइट तस्वीरों को जारी किया है

तस्वीरों में फिर से दावा किया गया है कि चीन ने फिर से टेंट लगा लिए हैं. (फोटो- AP)

क्या है सैटेलाइट की इन तस्वीरों में


मैक्सर की ये सैटेलाइट तस्वीरें 22 जून की है. दावा किया गया है कि ये टेंट 16 से 22 जून के बीच बनाए गए हैं. इससे पहले एक और कंपनी प्लानेट लैब ने 16 जून की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की थी. यानी हिंसा के अगले दिन देखा गया था कि यहां कोई ऐसा स्ट्रक्चर नहीं था. इन सैटेलाइट तस्वीरों को देखने के बाद रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एएल चवान ने इंडियन एक्सप्रेस को कहा कि चीन ने यहां डिफेंसिव पोजिशन तैयार कर लिया है.

हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे पोजिशन पर 20-30 सैनिक तैनात हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि इन तस्वीरों को देखकर ये कहना मुश्किल है कि चीन ने ये स्ट्रक्चर LAC के किस तरफ बनाए हैं. भारत के हिस्से में या फिर अपनी तरफ.

बातचीत जारी
बता दें कि 6 और 22 जून को भारतीय और चीनी सेनाओं के कोर कमांडरों के बीच हुई बैठकों में ये फैसला लिया गया कि दोनों देशों की सेना को एक बफर ज़ोन अलग करेगी. 15 जून को इसी बफऱ ज़ोन को खाली कराने के चलते हिंसक झड़प हुई थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज