अपना शहर चुनें

States

India-China Standoff: LAC पर विवाद सुलझाने के लिए भारत-चीन के बीच सैन्य वार्ता के कोई संकेत नहीं

भारतीय सेना और चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने आठवें दौर की वार्ता के दौरान कहा था कि कि वे अपने सैनिकों को गलतफहमी से बचने के लिए कहेंगे.
भारतीय सेना और चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने आठवें दौर की वार्ता के दौरान कहा था कि कि वे अपने सैनिकों को गलतफहमी से बचने के लिए कहेंगे.

India-China Standoff: 5 मई को पेंगोंग त्सो झील इलाके में भारतीय सेना और पीएलए के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प होने के बाद सैन्य गतिरोध पैदा हो गया था. तब से वहां तनाव की स्थिति बनी हुई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 29, 2020, 9:11 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन (India-China Standoff) के बीच तनाव लगातार बरकरार है. दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव को कम करने के लिए सेनाओं के बीच अगले दौर की बातचीत कब होगी इस बात के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं. दोनों देश हाल के दिनों में कूटनीतिक बातचीत के दौरान इस बात पर राजी हुए थे कि कमांडर-स्तरीय वार्ता आयोजित की जाएगी. 18 दिसंबर को सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय (WMCC) के लिए एक बैठक भी हुई थी. इसी दौरान भारत और चीन ने सहमति जताई थी कि दोनों देशों के बीच वरिष्ठ कमांडरों के बीच बैठक का अगला दौर जल्दी आयोजित की जाएगी. लेकिन अब तक बैठक को लेकर कोई साफ संकेत नहीं मिल रहे हैं.

अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि दोनों पक्षों ने अभी तक सैन्य वार्ता के लिए कोई तारीख प्रस्तावित नहीं की है. दोनों पक्षों ने अब तक आठ दौर की सैन्य वार्ता की है, लेकिन अब तक सीमा विवाद का नतीजा नहीं निकला. भारत और चीन के सैनिक LAC पर लगातार डटे हैं. भारतीय सेना और चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने आठवें दौर की वार्ता के दौरान कहा था कि कि वे अपने सैनिकों को गलतफहमी से बचने के लिए कहेंगे.

ये भी पढ़ें:- 'राष्ट्रीय नायक' ब्रिगेडियर उस्मान की कब्र की हालत देख सेना ने जताया दुख



कैसे सुलझेगा विवाद?
नॉर्दन आर्मी कमांडर के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुडा का कहना है कि भारत और चीन के सेनाओं के बीच बातचीत से नतीजा निकलने की उम्मीद कम है. इस विवाद को राजनियक स्तर पर ही दोनों देश सुलझा सकते हैं. बता दें कि करीब साढ़े तीन महीने पहले भारतीय सैनिक पूर्वी लद्दाख में पेगोंग झील के दक्षिण किनारे पर रणनीतिक रूप से अहम मुखपरी, रेचिन ला और मगर हिल इलाके के कई ऊंचाई वाले स्थानों पर काबिज हो गए थे. भारतीय सेना ने ये कार्रवाई 29-30 अगस्त की दरमियानी रात को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा उन्हें धमकाने की कोशिश करने के बाद की. भारत ने साफ-साफ कहा है कि चीन के सैनिक इस साल अप्रैल से पहले जहां थे वो वहां चले जाएं. जबकि चीन भारतीय सैनिक को पीछे हटने को कह रहा है.

तैयार है सेना
 सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने पिछले हफ्ते  पूर्वी लद्दाख में ऊंचाई पर स्थित विभिन्न अग्रिम चौकियों का दौरा किया और गत सात महीने से इलाके में चीन के साथ जारी गतिरोध के मद्देनजर भारत की सैन्य तैयारियों की समीक्षा की. सेना ने बताया कि जनरल नरवणे ने रेचिन ला सहित अग्रिम चौकियों का दौरा किया और लद्दाख से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के हालात का आंकलन किया. अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख के अलग-अलग ठिकानों जहां पर तापमान शून्य डिग्री से भी नीचे है, करीब 50 हजार जवानों को लड़ाई की स्थिति के लिए तैयार अवस्था में तैनात किया गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज