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LAC पर PM मोदी की टिप्पणी ने चीन के रुख का समर्थन किया है: कांग्रेस

सिब्बल ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री का बयान सैनिकों के साहस एवं सर्वोच्च बलिदान का अपमान नहीं है (File Photo)

सिब्बल ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री का बयान सैनिकों के साहस एवं सर्वोच्च बलिदान का अपमान नहीं है (File Photo)

कांग्रेस (Congress) ने सवाल किया कि जब एलएसी (LAC) के इस ओर चीनी सैनिक (Chinese Troops) नहीं आये थे , फिर 20 भारतीय सैनिक कहां शहीद हुए?

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 21, 2020, 10:10 PM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) ने लद्दाख गतिरोध (Ladakh Standoff) पर रविवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने बयान से चीन के इस रुख का समर्थन किया है कि उसने भारतीय भू-भाग में घुसपैठ नहीं की है. कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने कहा कि सरकार को इनकार करने की मुद्रा में नहीं रहना चाहिए. जब तक चीन पीछे नहीं हटता है और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पूर्व स्थिति बहाल नहीं हो जाती है, तब तक उसे (सरकार को) भी अपने कदम पीछे नहीं हटाना चाहिए.

गौरतलब है कि मोदी ने भारत-चीन सीमा (India-China Border) पर मौजूदा स्थिति के बारे में बुलाई गई एक सर्वदलीय बैठक में शुक्रवार को कहा था, "ना वहां कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है, ना ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है." प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी की काफी आलोचना हुई है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उन्होंने भारतीय जमीन चीन को सौंप दी. पार्टी ने सवाल किया कि जब एलएसी के इस ओर चीनी सैनिक नहीं आये थे, फिर 20 भारतीय सैनिक कहां शहीद हुए?

'सरकार को पीछे नहीं हटना चाहिए था'
सिब्बल ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, "जब चीन ने एलएसी का उल्लंघन किया और गलवान घाटी पर दावा पेश किया, तब आपने (प्रधानमंत्री मोदी) कहा कि भारतीय भू-भाग में कोई नहीं घुसा है, आप भी वही कह रहे हैं जो चीन कह रहा है." उन्होंने कहा, "क्या इस तरह से प्रधानमंत्री ने चीन के इस रुख को सहमति नहीं प्रदान कर दी है कि उन्होंने (चीनियों ने) हमारे क्षेत्र में कभी घुसपैठ नहीं की." उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार में किसी को भी इनकार करने की मुद्रा में नहीं होना चाहिए. जब तक चीन पीछे नहीं हटता है, हमारी सरकार को पीछे नहीं हटना चाहिए या इन क्षेत्रों के किसी हिस्से को चीन को सौंपा जाना प्रतीत नहीं होना चाहिए."
'क्या शहीदों के बलिदान को व्यर्थ करना चाहती है सरकार'


सिब्बल ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री का बयान सैनिकों के साहस एवं सर्वोच्च बलिदान का अपमान नहीं है, जिन्होंने गलवान घाटी में भारतीय भू-भाग से चीनियों को खदेड़ने की कोशिश की. सरकार से और सवाल करते हुए उन्होंने कहा, "क्या सरकार चाहती है कि उनका बलिदान यूं ही व्यर्थ चला जाए? क्या यह सच नहीं है कि चीन ने गलवान घाटी को अपना भू-भाग होने का दावा किया है? क्या यह भी सच नहीं है कि चीन ने गलवान घाटी में खुल्लम खुल्ला अतिक्रमण किया है ?"

सिब्बल ने कहा हर कदम में सरकार के साथ है देश
सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और थल सेना प्रमुख के बयानों की विरोधाभाषी है. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री रक्षा मंत्री के इस बयान का खंडन क्यों कर रहे हैं कि ‘चीनी बड़ी संख्या में मौजूद हैं और विदेश मंत्री का यह बयान कि हम पूर्व स्थिति बहाल करना चाहेंगे. क्या थल सेना प्रमुख ने स्पष्ट रूप से नहीं कहा था कि सैनिकों का पीछे हटना जारी है."

हालांकि कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिये उठाये जाने वाले हर कदम में सरकार के साथ पूरा देश खड़ा है. उन्होंने कहा, "हम राष्ट्रीय सुरक्षा से कभी समझौता नहीं करेंगे."

उन्होंने कहा, "गलवान घाटी,पैगोंग त्सो झील इलाका और हॉट स्प्रिंग में भारत के भू-भाग में चीन के अतिक्रमण को स्वीकार नहीं किया जाएगा."
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