India-China Standoff: आखिर क्यों हॉट स्प्रिंग और गोगरा से पीछे हटने को तैयार नहीं है चीन?

चीन की सेना ने रविवार को कहा कि भारत को पूर्वी लद्दाख में तनाव कम करने के ‘मौजूदा सकारात्मक माहौल’ का पालन चाहिए. (फ़ाइल फोटो)

चीन की सेना ने रविवार को कहा कि भारत को पूर्वी लद्दाख में तनाव कम करने के ‘मौजूदा सकारात्मक माहौल’ का पालन चाहिए. (फ़ाइल फोटो)

India-China Standoff: हॉट स्प्रिंग और गोगरा पोस्ट के इलाकों में भारत और चीन के सैनिक अब भी आमने सामने है. मई 2020 के हिंसक झड़प के बाद से ही हालात जस के तस बने हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 13, 2021, 12:34 AM IST
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नई दिल्ली. इस साल फरवरी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में कहा था कि भारत और चीन (India-China Standoff) पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से पीछे हटने को तैयार हो गए हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि दोनों देश के सैनिक ठीक उसी मोर्चे पर पहुंच जाएंगे, जहां वो मई 2020 से पहले थे, लेकिन तीन महीने बाद भी कई इलाकों में चीन के सैनिक अब भी डटे हैं. पिछले हफ्ते दोनों देशों के बीच 13 घंटे तक चली 11वें दौर की सैन्य वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला. बातचीत को लेकर कोई संयुक्त बयान भी जारी नहीं किया गया. बस ये कहा गया कि दोनों देश आगे भी बातचीत जारी रखेंगे.

चीन की सेना ने रविवार को कहा कि भारत को पूर्वी लद्दाख में तनाव कम करने के ‘मौजूदा सकारात्मक माहौल’ का पालन चाहिए. जबकि भारतीय सेना ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग, गोगरा और देपसांग में गतिरोध वाले हिस्सों से सैनिकों की वापसी को लेकर विस्तार से चर्चा. इसके अलावा कहा गया कि सीमा पर शांति बनाए रखने, किसी भी नए टकराव से बचने और बाकी मुद्दों का हल 'तेजी से निकालने पर सहमति व्यक्त की. आईए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर क्यों चीन LAC के कुछ इलाकों से हटने के लिए क्यों तैयार नहीं है?

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चीन पीछे हटने को तैयार नहीं

बता दें कि हॉट स्प्रिंग और गोगरा पोस्ट के इलाकों में भारत और चीन के सैनिक अब भी आमने सामने हैं. मई 2020 के हिंसक झड़प के बाद से ही हालात जस के तस बने हुए हैं. हालांकि पिछले साल जुलाई के पहले सप्ताह में चीनी सेना के गाड़ियों की वापसी गलवान, हॉट स्प्रिंग और गोगरा में देखी गई थी. लेकिन फिर से इस पर ब्रेक लग गया.

सूत्रों के मुताबिक हॉट स्प्रिंग-गोगरा-कोंगका झील इलाके में पेट्रोलिंग पॉइंट्स 15, 17 और 17ए पर भी दोनों सेनाएं एक-दूसरे के सामने खड़ी है. दरअसल ये इलाके भारत और चीन, दोनों के लिए रणनीतिक तौर पर बेहद अहम है. चीनी सेना गोगरा, हॉट स्प्रिंग और कोंगका ला क्षेत्र से इलाके में तैनात अपने सैनिकों के लिए भारी मात्रा में रसद पहुंचा पाती है.







सहमति के बाद भी चीन की ना


दसवें दौर की सैन्य वार्ता 20 फरवरी को हुई थी. दोनों देशों की सेनाएं पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से अपने-अपने सैनिक और हथियारों को पीछे हटाने पर राजी हुईं थीं. थल सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने कहा था कि पैंगोग झील के आसपास के इलाके से सैनिकों के पीछे हटने से भारत को खतरा 'कम' तो हुआ है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ. बता दें कि पिछले साल भारत और चीन की सेनाओं के बीच पैंगोंग झील के आसपास हुई हिंसक झड़प के चलते गतिरोध पैदा हो गया, जिसके बाद दोनों पक्षों ने धीरे-धीरे अपने हजारों सैनिकों की उस इलाके में तैनाती की थी.
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