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सीमा विवाद: पैंगोंग सो इलाके पर क्यों है चीन की नजर, जानें इसका महत्व

पैंगोंग त्सो

पैंगोंग त्सो

India-China standoff: पैंगोंग सो झील वो जगह है जो साल 1962 से ही भारत-चीन के बीच तनाव की वजह रहा है. चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी इस जगह को कब्जाना चाहती है और लगातार इसकी कोशिश भी कर रही है.

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    लेह. भारत और चीन के बीच तनाव (India China Stand Off) खत्म होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है. गलवान घाटी (Galwan Valley) में हिंसक घटना के बाद भारत और चीन के सैनिकों के बीच एक और झड़प की खबर है. इस बार चीन ने पैंगोंग सो (Pangong Tso) इलाके में घुसपैठ की कोशिश की. लेकिन भारतीय सैनिकों ने चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया है. आर्मी के मुताबिक पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों ने पहले से बनी सहमति का उल्लंघन करते हुए घुसपैठ की कोशिश की. आइए ये समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर पैंगोंग सो इलाका कहां है और चीनी सैनिक इस इलाके में क्यों घुसने की कोशिश कर रहे हैं. सामरिक तौर पर इलाके का भारत के लिए काफी महत्व रहा है.

    कहां है ये इलाका?
    पैंगोंग सो लेह के दक्षिणपूर्व में 54 किलोमीटर की दूरी पर है. 134 किलोमीटर लंबी ये झील 604 वर्ग किलोमीटर में फैली है. ये झील 14,270 फीट यानी 4,350 मीटर ऊंचाई पर स्थित है. इस झील की सबसे ज्यादा चौड़ाई 5 मीटर तक की है. पैंगोंग सो की 60 फीसदी लंबाई तिब्बत में पड़ती है. जबकि बाकी हिस्सा भारत में है. सर्दी के दिनों में ये झील पूरी तरह से जम जाती है.

    साल 2017 में झड़प
    साल 2017 के अगस्त के महीने में पैंगोंग सो के किनारे भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी. कहा जा रहा है कि दोनों तरफ से पत्थरबाजी, लाठी-डंडे और स्टील रॉड से एक दूसरे पर हमले हुए थे. बाद में झड़प का वीडियो भी वायरल हुआ था.

    क्या खास है इस इलाके में?
    पैंगोंग सो झील वो जगह है जो साल 1962 से ही भारत-चीन के बीच तनाव की वजह रही है. चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी इस जगह को कब्जाना चाहती है और लगातार इसकी कोशिश भी कर रही है. कहा जाता है कि इस इलाके में बेशकीमती धातुओं का भंडार है. गोगरा पोस्ट के पास में ही वो पहाड़ है, जिसे गोल्डन माउंटेन कहते हैं. भूविदों का मानना है कि इस इलाके में सोने का अपार भंडार है. चीन की नजर इसी पर है. यही वजह है कि चीनी सैनिक लगातार आक्रामक होते रहते हैं. इस इलाके में चीन की सक्रियता के कारण भारत सरकार भी यहां पर सोने की खदानों पर खास सर्वे नहीं कर सकी है.

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    इलाके में हलचल
    कहा जा रहा है कि पैंगोंग झील में चीनी सेना लगातार अपनी ताकत बढ़ा रही है. चीन ने विवादित क्षेत्र में नए कैंप बनाने शुरू कर दिए हैं. इन कैंप में चीन की ओर से अतिरिक्त सेना की टुकड़ी को तैनात किया गया है. इसके साथ ही पैंगोंग झील में भी लगातार बोट की आवाजाही देखी जा रही है. चीन की ये चाल सैटेलाइट की तस्वीरों में कैद हुई है. सैटेलाइट इमेज में ​कई बार दिखा है कि चीन पैंगोंग झील में लगातार अपनी ताकत बढ़ाने का काम कर रहा है.

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