भारत-चीन संबंधों पर जयशंकर बोले- LAC पर यथास्थिति में परिवर्तन का एकतरफा प्रयास अस्वीकार्य

भारत चीन संबंधों पर विदेश मंत्री बोले- कोरोना महामारी सामने आने के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए (फाइल फोटो)
भारत चीन संबंधों पर विदेश मंत्री बोले- कोरोना महामारी सामने आने के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए (फाइल फोटो)

India China Border Standoff: जयशंकर ने कहा कि सीमा क्षेत्रों में शांतिपूर्ण माहौल ने भारत और चीन के बीच अन्य क्षेत्रों में समन्वय के विस्तार के लिए आधार उपलब्ध कराया लेकिन महामारी सामने आने के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं. वह सरदार पटेल स्मारक व्याख्यान दे रहे थे जिसका आकाशवाणी से प्रसारण किया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 1, 2020, 12:04 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. चीन-भारत सीमा गतिरोध (India China Border Standoff) के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर (external affairs minister S Jaishankar) ने शनिवार को कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर यथास्थिति में परिवर्तन का कोई भी एकतरफा प्रयास 'अस्वीकार्य' है और संबंधों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए दोनों देशों के बीच के समझौतों का पूरी समग्रता के साथ 'निष्ठापूर्वक' सम्मान किया जाना चाहिए. जयशंकर ने कहा कि सीमा क्षेत्रों में शांतिपूर्ण माहौल ने भारत और चीन के बीच अन्य क्षेत्रों में समन्वय के विस्तार के लिए आधार उपलब्ध कराया लेकिन महामारी सामने आने के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं. वह सरदार पटेल स्मारक व्याख्यान दे रहे थे जिसका आकाशवाणी से प्रसारण किया गया.

विदेश मंत्री ने कहा कि उन धारणाओं में परिवर्तन से संबंध अप्रभावित नहीं रह सकते जो इसे रेखांकित करती हैं. उन्होंने कहा कि तीन दशकों तक संबंध स्थिर रहे क्योंकि दोनों देशों ने नयी परिस्थितियों और विरासत में मिली चुनौतियों का समाधान किया. भारत और चीन के बीच पिछले पांच महीने से भी अधिक समय से पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध बना हुआ है जिससे संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं. दोनों पक्षों के बीच राजनयिक एवं सैन्य स्तर पर कई दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन गतिरोध समाप्त नहीं हो सका है.

चीन के साथ सैन्य वार्ता का किसी बाहरी मुद्दे से कोई संबंध नहीं: भारत
भारत ने कहा कि सीमा विवाद को लेकर चीन के साथ उसकी सैन्य वार्ता का ‘किसी भी बाहरी मुद्दे' से कोई संबंध नहीं है. यह टिप्पणी हाल ही में सम्पन्न भारत-अमेरिका ‘टू प्लस टू’ वार्ता की पृष्ठभूमि में आई है जिसमें दोनों देशों ने पूर्वी लद्दाख और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की सैन्य आक्रामकता पर चर्चा की तथा एक रणनीतिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए.
ये भी पढ़ें: J&K में गुपकर गठबंधन में शामिल होगी कांग्रेस! प्रदेश पार्टी ने कहा-आलाकमान से ली जाएगी सलाह



ये भी पढ़ें: चीन मुद्दे पर राजनाथ सिंह का कांग्रेस को जवाब, 'मैं खुलासा कर दूं तो चेहरा दिखाना मुश्किल हो जाएगा'

बातचीत पर जोर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने चीन के साथ कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता के अगले दौर के बारे में कहा कि दोनों पक्ष सैन्य और राजनयिक माध्यमों से बातचीत जारी रखने तथा जल्द से जल्द सैनिकों की वापसी के लिए पारस्परिक रूप से स्वीकार्य किसी समाधान पर पहुंचने के लिए सहमत हुए हैं.

उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, ‘मैं यह स्पष्ट कर दूं कि इसके और किसी बाहरी मुद्दे के बीच कोई संबंध नहीं है.’ चीन के साथ सीमा विवाद से जुड़े सवालों के अलावा उनसे यह प्रश्न भी किया गया था कि क्या चीन ने भारत और अमेरिका के बीच मूलभूत विनिमय और सहयोग करार (बीईसीए) को लेकर सैन्य वार्ता के अगले दौर में देरी की है. श्रीवास्तव ने कहा, ‘हालिया टू प्लस टू के संबंध में... विदेश मंत्री ने कहा था कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर हमारी वार्ता में विशेष ध्यान था. हमने इस क्षेत्र में सभी देशों के लिए समृद्धि, स्थिरता और शांति के महत्व को दोहराया.’ उन्होंने कहा, 'यह तभी संभव है जब नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था कायम रहे, अंतरराष्ट्रीय समुद्रों में नौवहन की आजादी सुनिश्चित हो...सभी राज्यों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान हो.’
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज