सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये मूल्य के शत्रु शेयरों की बिक्री के तौर-तरीकों को मंजूरी दी

शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के अनुसार शत्रु संपत्ति से आशय वैसी संपत्ति है जिसका मालिकाना हक या प्रबंधन किसी शत्रु या शत्रु कंपनी के पास है.

News18Hindi
Updated: November 9, 2018, 5:55 PM IST
सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये मूल्य के शत्रु शेयरों की बिक्री के तौर-तरीकों को मंजूरी दी
प्रतीकात्मक
News18Hindi
Updated: November 9, 2018, 5:55 PM IST
सरकार ने बृहस्पतिवार को शत्रु शेयरों की बिक्री के लिए तय प्रक्रिया और कार्यप्रणाली को मंजूरी दी. इसकी मौजूदा बाजार कीमत करीब 3,000 करोड़ रुपये है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दी.

शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के अनुसार शत्रु संपत्ति से आशय वैसी संपत्ति है जिसका मालिकाना हक या प्रबंधन किसी शत्रु या शत्रु कंपनी के पास है. इस फैसले से दशकों तक बेकार पड़ी शत्रु अचल सम्‍पत्ति को बाजार में भुनाया जा सकेगा. इनकी बिक्री से मिले धन का इस्‍तेमाल विकास और समाज कल्‍याण कार्यक्रमों में किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें:  भारत-अमेरिका की दोस्ती को दिखाने का विशेष मौका है दीवाली: ट्रंप

बयान के अनुसार, 'इस प्रकार की संपत्ति की बिक्री से प्राप्त राशि उसी रूप से रखी जाएगी जैसा कि विनिवेश राशि के मामले में होता है इसकी देखरेख वित्त मंत्रालय करता है. निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) को शेयरों की बिक्री के लिये अधिकृत किया गया है.'

यह भी पढ़ें:  भ्रष्टाचार के खिलाफ PM मोदी का युद्धघोष थी नोटबंदी, पढ़ें कुछ आम लोगों की कहानी

इसमें कहा गया है कि 20,323 शेयरधारकों के 996 कंपनियों के कुल 6,50,75,877 शेयर सीईपीआई (कस्टोडियन आफ एनिमी प्रोपर्टी आफ इंडिया) के कब्जे में है. इन 996 कंपनियों में से 588 सक्रिय, 139 कंपनियां सूचीबद्ध है और शेष कंपनियां गैर-सूचीबद्ध है.

इन शेयरों को बेचने की प्रक्रिया के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा गृहमंत्री को शामिल करके वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली वैकल्पिक कार्यप्रणाली (एएम) से मंजूरी प्राप्त करनी होती है. इस कार्यप्रणाली की सहायता अधिकारियों की उच्चस्तरीय समिति करेगी जिसके सह-अध्यक्ष दीपम विभाग के सचिव और गृह मंत्रालय के सचिव (आर्थिक मामलों के विभाग, डीएलए, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय और सीईपीआई के प्रतिनिधियों सहित) होंगे.
Loading...
यह भी पढ़ें:  अरुणाचल: आर्मी-पुलिसकर्मियों के बीच झड़प मामले में सुलह कराने पहुंचीं निर्मला और रिजिजू
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर