LAC पर चीन ने तैनात कीं HQ-9 मिसाइलें, ड्रैगन की नापाक हरकत पर भारत की नजर

एनएसी पर चीन की हर नापाक हरकत पर भारत की नजर. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

एनएसी पर चीन की हर नापाक हरकत पर भारत की नजर. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

LAC Standoff: सरकारी सूत्रों ने बताया कि जारी तनाव के बीच चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय सीमा के पास HQ और HQ 22 समेत सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को तैनात कर रखा है.

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  • Last Updated: April 13, 2021, 12:22 AM IST
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नई दिल्‍ली. भारत और चीन (India-China) के बीच कमांडर स्‍तर पर 11वें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही. वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबे समय से जारी सैन्‍य गतिरोध का हल निकालने के लिए की गई वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई. इस बीच, भारत चीन को लेकर और ज्‍यादा सतर्क हो गया है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियां एलएसी पर तैनात रहने वाली चीनी मिसाइलों (सतह से हवा में मार करने में सक्षम) पर कड़ी नजर रख रही हैं.

सरकारी सूत्रों ने न्‍यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि जारी तनाव के बीच चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय सीमा के पास HQ और HQ 22 समेत सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को तैनात कर रखा है. बता दें क‍ि HQ-9 रूसी एयर डिफेंस मिसाइल एस-300 का रिवर्स वर्जन है. यह मिसाइल लगभग 250 किलोमीटर की दूरी से अपने लक्ष्‍य का पता लगा सकती है और उसे भेद सकती है.

चीन की एयर डिफेंस सिस्‍टम पर भी भारत की नजर

सूत्रों ने बताया, 'हम चीन द्वारा तैनात अन्य रक्षा संपत्तियों के साथ ही वायु रक्षा प्रणालियों पर भी कड़ी नजर रख रहे हैं.' सूत्रों का कहना है कि हाल की रिपोर्ट से पता चला है कि चीन ने वैसे तो होटन और काशगर हवाई क्षेत्रों में लड़ाकू विमानों की संख्‍या कम की है, लेकिन कई बार इसमें उतार-चढ़ाव देखा गया है. पैंगोंग झील से सैन्‍य वापसी जरूर हुई है, लेकिन पूरी तरह से नहीं.
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वहीं, अभी तीन दिन पहले ही भारत और चीन के बीच 11 वें दौर की सैन्‍य वार्ता हुई थी. जिसमें भारत ने गोगरा हाइट्स, हॉट स्प्रिंग्स, डेप्सांग और डेमचॉक के पास सीएनएन जंक्शन से सैन्‍य वापसी की मांग की, लेकिन चीन से इसपर अनिच्‍छा जताई. हालांकि चीन के रवैये के बाद भारत ने भी साफ कर दिया है कि वह भी तभी पीछे हटेगा जब चीन इसपर सहमत होगा.

अब भारतीय सुरक्षा बलों ने भी एलएसी के साथ ही लद्दाख के पर्वतीय क्षेत्रों वाले सेक्‍टरों पर ग्रीष्‍मकालीन तैनाती शुरू कर दी है. पिछले साल भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प के बाद से ही एलएसी पर दोनों देशों ने जवानों की संख्‍या में इजाफा किया है.
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