वैज्ञानिकों ने खोजा कोरोना वायरस का खास समूह, भारत के 40% मरीजों में है ये

वैज्ञानिकों ने खोजा कोरोना वायरस का खास समूह, भारत के 40% मरीजों में है ये
कोरोना वायरस के वे मरीज जिनमें लक्षण नहीं दिखाई देते, उनमें भी ऑक्सीजन लेवल कम हो जाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

देश में कोविड 19 (Covid 19) के कुल मरीजों में से 40 फीसदी मरीजों में यह पाया गया है. इसका नाम क्‍लेड ए3आई (Clade A3i) रखा गया है.

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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) देश-दुनिया में तेजी से कहर बरपा रहा है. वैज्ञानिक इसकी वैक्‍सीन (covid 19 Vaccine) और दवा विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं. इस बीच भारतीय वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के खास समूह (Clade) की खोज का दावा किया है. हैदराबाद के सेलुलर और आणविक जीव विज्ञान केंद्र (CCMB) के वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है. उनके अनुसार देश में कोविड-19 से संक्रमित लोगों में एक अलग तरह के कोरोना वायरस का पता लगाया गया है. देश में कोविड 19 के कुल मरीजों में से 40 फीसदी मरीजों में यह पाया गया है. इसका नाम क्‍लेड ए3आई (Clade A3i) रखा गया है.

सीसीएमबी के डायरेक्‍टर राकेश मिश्रा के अनुसार दक्षिण-पूर्वी एशिया में विशिष्‍ट क्‍लेड ए3आई काफी प्रभावी है. यह स्‍ट्रेन चीन से नहीं आया बल्कि यह अन्‍य दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों से आया है. उनके मुताबिक ऐसा प्रतीत होता है कि यह समूह फरवरी 2020 में विषाणु से उत्पन्न हुआ और देश भर में फैला. यह चीन या अन्‍य देश में उत्‍पन्‍न हुआ हो सकता है. इस विषाणु पर किए गए शोध से यह पता चला है कि वायरस के फरवरी में साझा पूर्वज थे.

 



राकेश मिश्रा के अनुसार ए3आई में 4 विभिन्‍न म्‍यूटेशन होते हैं. इनमें 4 चरण हैं. इनमें से 3 ऐसे हैं, जो वायरस के अंदर प्रोटीन को बदल देते हैं. इसमें पहला क्‍लेड ए2ए गुजरात, महाराष्‍ट्र और अन्‍य जगहों पर फैला. इसकी दर करीब 50 फीसदी हो सकती है.

सीसीएमबी ने ट्वीट किया, 'भारत में सार्स-सीओवी2 के प्रसार के जीनोम विश्लेषण पर एक नया तथ्य सामने आया है. नतीजों से यह प्रदर्शित हुआ कि कोरोना वायरस का एक अनूठा समूह भी है और यह भारत में मौजूद है. इसे क्लेड ए3आई नाम दिया गया है. इसमें भारत से लिए गए सार्स-सीओवी2 जीनोम के सभी नमूनों के 41 प्रतिशत और सार्वजनिक किए गए वैश्विक जीनोम का साढ़े तीन प्रतिशत है.' सीसीएमबी वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआर) के तहत आता है.

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