पाकिस्तान से भारत आ रहे हैं खेती-किसानी के दुश्मन, तीन राज्यों में अलर्ट, ऐसे ठिकाने लगा रही सरकार!

पाकिस्तान से आने वाले इस दुश्मन को भारत ने ऐसे निपटाया है. इसका हमला रोकने के लिए एक माह में भारत-पाक के बीच दो बैठक हो चुकी हैं.

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 6:28 PM IST
पाकिस्तान से भारत आ रहे हैं खेती-किसानी के दुश्मन, तीन राज्यों में अलर्ट, ऐसे ठिकाने लगा रही सरकार!
इस दुश्मन से निपटने के लिए भारत-पाक के बीच एक माह में हुई है दो बैठक
ओम प्रकाश
ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 6:28 PM IST
इन दिनों पाकिस्तान की ओर से भारत में एक ऐसे दुश्मन की घुसपैठ जारी है जो देखते ही देखते खेती-किसानी को बर्बाद कर देता है. भारत में घुसपैठ करने वाला ये पाकिस्तानी दुश्मन कद-काठी में बहुत छोटा लेकिन उसका खतरा बड़ा है. क्योंकि ये दुश्मन एक साथ लाखों की संख्या में हमला करता है. इसे गोली-बारूद से नहीं बल्कि कीटनाशक से खत्म किया जा रहा है. हम बात कर रहे हैं पाकिस्तानी टिड्डी दल का. जिससे मानसून में भारत की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है. इसलिए भारत सरकार ने पाकिस्तान की सीमा से सटे राजस्थान, गुजरात और हरियाणा राज्य के सभी जिलों में सरकार की ओर से टिड्डी आक्रमण से निपटने के लिए चेतावनी जारी कर दी है.

रेगिस्तानी टिड्डियों की घुसपैठ से निपटने के लिए टिड्डी चेतावनी संगठन ने इस साल अब तक करीब 24 हजार हेक्टेयर जमीन पर कीटनाशक का छिड़काव करवाकर उनका सफाया किया है. इस साल भी 1993 और 1998 की तरह टिड्डियों के बड़े हमले का खतरा मंडरा है. ऐसे में भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों ने इस साल 19 जून को मुनाबाओ (भारत) और 17 जुलाई को खोखरापार (पाकिस्तान) में संयुक्त बैठक की है. जिसमें दोनों ने टिड्डियों की घुसपैठ की जानकारी साझा की और अपने-अपने क्षेत्र में इनके लिए नियंत्रण अभियान जारी रखने पर सहमति जाहिर की.

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रेगिस्तानी टिड्डियों की घुसपैठ रोकने की कोशिश


लोकसभा और राज्यसभा में उठा मामला

इस पाकिस्तानी दुश्मन को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में सरकार से लिखित जवाब मांगा गया है. कांग्रेस सांसद विवेक के. तन्खा ने राज्यसभा में, बीजेपी सांसद विद्युत बरन महतो, सुधीर गुप्ता और शिवसेना सांसद संजय सदाशिवराव मांडलिक ने लोकसभा में इस दुश्मन पर कार्रवाई के बारे में सरकार से जवाब चाहा. इसका जवाब कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दिया.

भारत ने क्या कार्रवाई की?
तोमर ने बताया कि इस साल पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों मुख्य रूप से जैसलमेर जिले में 21 मई 2019 से रेगिस्तानी टिड्डी का आक्रमण हुआ है. राजस्थान के बाड़मेर, जालौर, जोधपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर और चुरू जिलों में इसकी मौजूदगी दर्ज की गई है. 22 जुलाई तक राजस्थान में कुल 24,612 हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई है, लेकिन उन्हें नियंत्रित कर लिया गया है. इस समय राजस्थान में टिड्डी हमले को रोकने के लिए भारत ने 254 अधिकारियों को तैनात कर रखा है. जिसमें से 77 राजस्थान सरकार की ओर से लगाए गए हैं. जिन्हें इस दुश्मन को रोकने के लिए 86 गाड़ियां दी गई हैं. टिड्डी कंट्रोल से जुड़े अधिकारियों की सोमवार को कृषि मंत्रालय में बैठक हुई है.
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टिड्डी हमले को रोकने के लिए हर साल भारत-पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच 6 बैठकें होती हैं. ताकि टिड्डी की स्थिति से संबंधित सूचना का आदान-प्रदान किया जा सके. इस दुश्मन को खत्म करने में पाकिस्तान ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाता. भारत पर जब भी टिड्डी दल का हमला होता है वह पाकिस्तान की तरफ से होता है.

तीन राज्यों में इसलिए है खतरा?
राजस्थान, गुजरात और हरियाणा में रेगिस्तान है. टिड्डी प्रजनन का मौसम जून-जुलाई से अक्टूबर-नवंबर तक होता है. रेगिस्तान इसके लिए मुफीद है. टिड्डियों का दल आमतौर पर हवा की दिशा में उड़ता है. पाकिस्तान से होकर भारत के रेतीले क्षेत्रों में प्रवेश कर जाता है. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक एक टिड्डी अपने वजन के बराबर वनस्पति हर रोज चट कर जाता है.

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राजस्थान, गुजरात और हरियाणा पर खतरा


छोटे से छोटे टिड्डी दल में भी लाखों की संख्या में टिड्डी होती हैं. जो एक ही दिन में फसल को साफ कर देता है. वयस्क टिड्डी झुंड एक दिन में 150 किमी तक हवा के साथ उड़ सकता हैं. बहुत छोटा झुंड भी एक दिन में लगभग 35,000 लोगों जितना खाना खाता है. इस वजह से किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं. इस समय राजस्थान, गुजरात और हरियाणा में 2,05,785 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र रेगिस्तान है.

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First published: July 29, 2019, 5:04 PM IST
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