ब्रिटेन में पाकिस्तान की ओर से की जा रही लॉबिंग पर भारत ने जताई चिंता

ब्रिटेन में पाकिस्तान की ओर से की जा रही लॉबिंग पर भारत ने जताई चिंता
रिजिजू ने भारतीय छात्रों को वीजा दिए जाने में सहूलियत करने में भी ब्रिटेन से सहयोग करने के लिए कहा

किरेन रिजिजू ने कहा कि ऐसी घटनाओं से खालिस्तानी और कश्मीरी अलगाववादी संगठनों का मनोबल बढ़ेगा

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ब्रिटेन की संसद में कश्मीर मुद्दे को उठाने के लिए पाकिस्तानी तत्वों की ओर से कुछ ब्रिटिश सांसदों के साथ की जा रही लॉबिंग पर भारत ने सोमवार को अपनी चिंता से ब्रिटेन को अवगत करा दिया. भारत ने ब्रिटेन से विजय माल्या और ललित मोदी जैसे भगोड़ों के प्रत्यर्पण में सहयोग भी मांगा.

शिष्टमंडल स्तर की एक मुलाकात के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ब्रिटेन के आव्रजन राज्य मंत्री ब्रैंडन लेविस के सामने इन मुद्दों को पुरजोर ढंग से उठाया.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय पक्ष ने कुछ ‘मीरपुरियों और पाकिस्तानियों’ की ओर से ब्रिटेन में भारत विरोधी प्रचार लगातार जारी रखने पर गंभीर चिंता जताई. रिजिजू ने पाकिस्तानी तत्वों की ओर से ब्रिटेन के कुछ मौजूदा और पूर्व सांसदों, जैसे- डेविड नटल, नुसरत गनी, रॉबर्ट फ्लेलो, फियोना मैक्टागर्ट, के साथ लॉबिंग की तरफ भी लेविस का ध्यान दिलाया. इन सांसदों ने कुछ समय पहले ब्रिटिश संसद में कश्मीर मुद्दे पर एक प्रस्ताव पर चर्चा कर उसे मंजूरी दी थी.



अधिकारी के मुताबिक, भारतीय पक्ष ने लेबर पार्टी की छाया विदेश मंत्री एमिली थॉर्नबेरी की इस टिप्पणी पर भी रोष जताया कि ब्रेग्जिट के बाद यदि ब्रिटेन और भारत में किसी तरह का करार होता है तो ब्रिटेन कश्मीर में कथित मानवाधिकार हनन को लेकर अपनी चिंताएं उसमें शामिल करेगा.
रिजिजू ने साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और उसे अलग नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को अपनी सरजमीं से भारत विरोधी प्रचार नहीं होने देना चाहिए. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ब्रिटिश पक्ष ने कहा कि ब्रिटेन का समाज उदारवादी है और वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं विचारों की वकालत करता है.

कुछ खालिस्तानी अलगाववादियों की भारत विरोधी गतिविधियों का मुद्दा भी ब्रिटिश शिष्टमंडल के सामने उठाया गया और उन्हें कहा गया कि वे आतंकवाद एवं कट्टरपंथी विचारों के समर्थकों को मंच मुहैया नहीं कराएं.

विजय माल्या मामले में रिजिजू ने ब्रिटेन से सहयोग मांगा

रिजिजू ने कहा कि ऐसी घटनाओं से खालिस्तानी और कश्मीरी अलगाववादी संगठनों का मनोबल बढ़ेगा. अधिकारी ने बताया कि रिजिजू ने शराब कारोबारी विजय माल्या, आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी और क्रिकेट सट्टेबाज संजीव चावला समेत 13 भगोड़ों के प्रत्यर्पण के लिए भी ब्रिटेन से सहयोग मांगा.

ब्रिटिश पक्ष ने कहा कि माल्या के प्रत्यर्पण के मामले की सुनवाई चार दिसंबर को शुरू होगी और वह सशर्त जमानत पर रहेंगे. भारत ने 16 अन्य कथित अपराधियों के अभियोजन में भी कानूनी सहायता मांगी.

भारतीयों को वीजा मिलने में सहूलियत के लिए ब्रिटेन से सहयोग की बात

अपने भाई दीपक कपूर की बेटी के अपहरण के आरोपी राजेश कपूर और 1993 में गुजरात में हुए दो बम हमलों के सिलसिले में वांछित टाइगर हनीफ सहित कई अन्य भगोड़ों के प्रत्यर्पण के लिए भी भारत ने सहयोग मांगा. अन्य भगोडों में अतुल सिंह, राज कुमार पटेल, जतिंदर कुमार अंगुराला और आशा रानी अंगुराला शामिल हैं.

भारत ब्रिटेन में रहने वाले भारतीयों के यात्रा दस्तावेज खो जाने की सूरत में छह महीने के लिए आपातकालीन प्रमाण-पत्र जारी करने पर सहमत हुआ. पहले यह अवधि तीन महीने थी.
रिजिजू ने भारतीयों, खासकर छात्रों, को वीजा दिए जाने में सहूलियत सुनिश्चित करने में भी ब्रिटेन से सहयोग करने के लिए कहा.

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