सऊदी अरब के बैंकनोट पर गलत नक्शा छापने को लेकर भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव.

Saudi Arab Bank Note: सऊदी अरब (Saudi Arab) ने जी-20 शिखर सम्मेलन के आयोजन की अपनी अध्यक्षता के लिए 20 रियाल का एक बैंकनोट जारी किया है और इस बैंकनोट में छपे नक्शे पर जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) और लद्दाख (Ladakh) को भारत से बाहर दिखाया गया है

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  • Last Updated: October 29, 2020, 10:32 PM IST
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नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय (Ministry of Foreign Affairs) ने गुरुवार को कहा कि भारत (India) ने हाल ही में सऊदी अरब (Saudi Arab) में जारी बैंक नोटों के लिए "क्षेत्रीय सीमाओं" के गलत चित्रण के लिए "गंभीर चिंता" व्यक्त की है. इन नोटों में जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) और लद्दाख (Ladakh) को भारत से बाहर दिखाया गया है. विदेश मंत्रालय ने एक ब्रीफिंग में कहा, "24 अक्टूबर को सऊदी अरब के मौद्रिक प्राधिकरण द्वारा जी-20 शिखर सम्मेलन के आयोजन की अपनी अध्यक्षता के लिए 20 रियाल का एक बैंकनोट जारी किया गया है ."

मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब के एक आधिकारिक और कानूनी नोट पर भारत की बाहरी क्षेत्रीय सीमाओं की इस गलत बयानी के लिए हमने नई दिल्ली में और साथ ही रियाद में अपने राजदूत के माध्यम से सऊदी अरब के समक्ष अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है. इस संबंध में उनसे सुधारात्मक कदम उठाने के लिए भी कहा है."

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्व ने कहा, "मैं आगे दोहराना चाहूंगा कि जम्मू और कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश पूरी तरह से भारत के अभिन्न अंग हैं."
पाकिस्तान के नक्शे से हटाया था पीओके
सऊदी अरब की ओर से जारी किए गए नोटों में पाकिस्तान के नक्शे से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (Pakistan Occupied kashmir) और गिलगिट-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) को भी हटाया गया है.

भारत के साथ मजबूत हो रहे हैं सऊदी के संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने हाल के वर्षों में, व्यापार संबंधों को मजबूत करने और पाकिस्तान पर दबाव डालने के प्रयासों में सऊदी अरब के साथ संबंध मधुर बनाए रखने की कोशिश की है. पाकिस्तान अरब राष्ट्रों के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक है.

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पिछले साल, प्रधानमंत्री नई दिल्ली हवाई अड्डे पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का व्यक्तिगत रूप से स्वागत करने के लिए सरकारी प्रोटोकॉल को तोड़कर पहुंचे थे. तत्कालीन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्राउन प्रिंस के गर्मजोशी से हुए स्वागत के अवसर पर दोनों नेताओं की एक तस्वीर शेयर करते हुए इसे "द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय" के रूप में बताया था.

साल के अंत में एक यात्रा के दौरान, पीएम मोदी ने किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद और क्राउन प्रिंस से मुलाकात की थी और ऊर्जा सौदों पर हस्ताक्षर किए थी. दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता भारत, सऊदी अरब का एक प्रमुख ग्राहक है.
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