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भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, भारत को UNSC का अस्‍थाई सदस्य बनाने का पाकिस्तान सहित 55 देशों ने किया समर्थन

News18Hindi
Updated: June 26, 2019, 2:12 PM IST
भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, भारत को UNSC का अस्‍थाई सदस्य बनाने का पाकिस्तान सहित 55 देशों ने किया समर्थन
पीएम मोदी के कार्यकाल में अभी एक बार भारत नहीं बना है यूएनएससी का सदस्य.

इससे पहले भारत सात बार 1950-1951, 1967-1968, 1972-1973, 1977-1978, 1984-1985, 1991-1992 और अखिरी बार 2011-2012 में यूएनएससी का अस्‍थाई सदस्य बन चुका है. अगर इस बार भारत को जीत हासिल हुई तो यह आठवां मौका होगा.

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वैश्‍विक स्तर पर भारत को एक बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की उम्मीदवारी को अब सभी 55 एशिया-प्रशांत देशों का समर्थन मिल गया है. इस समर्थन से भारत की दावेदारी काफी मजबूत हो गई है. यह चुनाव अगले साल जून में हो सकता है. अगर भारत इस चुनाव में जीतता है कि तो अगले दो सालों के लिए भारत यूएन के सिक्यूरिटी काउंसिल का अस्‍थाई सदस्य बन जाएगा. इस वैश्विक संस्‍था में अस्‍थाई सदस्य होने के बाद मसूद अजहर पर बैन लगाने जैसे कई मसलों पर भारत और ज्यादा मजबूती से अपना पक्ष रख पाएगा.

2021-2022 के लिए होगा यूएनएससी के स्थाई सदस्य का चुनाव
संयुक्त राष्ट्र से मिली जानकारी के अनुसार अगले साल जून में यह चुनाव होगा. यह चयन दो सालों के लिए होगा. असल में यूनएससी में 2021-22 के लिए पांच अस्‍थाई देशों को अस्‍थाई सदस्य बनाने के लिए चुनाव किया जाएगा. इसमें कुल 15 देशों ने दावेदारी की है. इन 15 देशों में से किन्हीं पांच को यूएनएससी का अस्‍थाई सदस्य बनाया जाएगा.

इस बारे में बुधवार सुबह यूएन में भारत के स्‍थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट कर कहा, "सर्वसम्मति से एक बड़ा उठाया गया है. सभी एशिया-पैसिफिक समूह के देशों ने भारत को यूएनएससी में अस्‍थाई सदस्य बनाने की दावेदारी का समर्थन कर दिया है. सभी 55 देशों का भारत धन्यवाद करता है."



unsc team
यूएनएससी में भारत की साख बढ़ेगी.




इन देशों ने किया भारत का यूएन में समर्थन
यूएनएससी में भारत को जगह दिलाने के लिए भारत का समर्थन करने वाले 55 देशों में प्रमुख तौर पर अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, जापान, कुवैत, किर्गिस्तान, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, सीरिया, तुर्की, यूएई और वियतनाम आदि शामिल हैं.

हर साल यूएनएसी बनाता है पांच अस्‍थाई सदस्य
यूएनएससी की जनरल असेंबली के सभी 193 देश मिलकर हर साल पांच अस्याई सदस्यों का चयन करते हैं. जबकि कुल अस्‍थाई सदस्यों की संख्या 10 होती है. हर साल इनमें से पांच का कार्यकाल समाप्त होता है और पांच नये सदस्य शामिल कर लिए जाते हैं. इससे संयुक्त राष्ट्र के अंदर सबसे ऊंची हैसियत रखने वाली बॉडी में भारत की सहभागिता तय हो जाएगी. फिलहाल यूएनएससी के पांच ही स्‍थाई सदस्य हैं, इनमें चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट शामिल हैं.



पहले भी सात बार यूएनएससी का सात बार अस्थाई सदस्य रह चुका है भारत
अगर भारत फिर से यूएनएससी का अस्‍थाई सदस्य बन पाता है तो ऐसा आठवीं बार होगा. इससे पहले भारत साल 1950-1951, 1967-1968, 1972-1973, 1977-1978, 1984-1985, 1991-1992 और अखिरी बार 2011-2012 में यूएनएससी का अस्‍थाई सदस्य बना था. तब भारतीय राजनयिक हरदीनप सिंह पुरी के नेतृत्व में यह हुआ था. हालांकि मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान यह पहली बार होगा अगर भारत अस्‍थाई सदस्य बनने में कामयाब रहता है.



इस महीने की शुरुआत में एस्टोनिया, नाइजर, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, ट्यूनीशिया और वियतनाम को साल 2020 के लिए अस्‍थाई सदस्य बनाया गया था. इसमें पहली बार सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस जैसे छोटे देश भी इस वैश्विक संस्‍था में स्‍थान बनाने में सफल रहे थे.

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First published: June 26, 2019, 1:03 PM IST
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