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भारत के पास 2007 में भी एंटी सैटेलाइट मिसाइल क्षमता थी, लेकिन साहस नहीं था: पूर्व इसरो प्रमुख

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

नायर ने कहा कि एंटी सैटेलाइट मिसाइल की क्षमता एक दशक पहले भी भारत के पास थी. लेकिन इसे पूरा करने के लिए राजनीतिक इच्‍छा और साहस की कमी थी.

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    (नीतू रघुकुमार)

    भारत ने बुधवार को अंतरिक्ष में 300 किमी दूर एलईओ (Low Earth Orbit) में एक लाइव
    सैटेलाइट को मार गिराया है. ये लाइव सैटेसाइट पूर्व निर्धारित लक्ष्य था और उसे एंटी सैटेलाइट मिसाइल
    (A-SAT) द्वारा मार गिराया गया है. भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा महाशक्तियों में शामिल हो
    गया है, जिनके पास एंटी सैटेलाइट मिसाइल क्षमता है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के पूर्व प्रमुख
    जी माधवन नायर ने बुधवार को 'मिशन शक्ति' पर कहा कि पहले की सरकारों में साहस और राजनीतिक
    इच्‍छा शक्ति की कमी थी.

    नायर ने अक्‍टूबर, 2018 में बीजेपी का हाथ थाम लिया था. न्‍यूज18 से बात करते हुए अंतरिक्ष की रक्षा
    प्रणाली के सवाल पर उन्‍होंने कहा, 'यह एक मील का पत्‍थर था. इसकी सफलता को लेकर उन्‍होंने
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार को बधाई दी है.

    नायर ने कहा कि एंटी सैटेलाइट मिसाइल की क्षमता एक दशक पहले भी भारत के पास थी. लेकिन इसे पूरा करने के लिए राजनीतिक इच्‍छा और साहस की कमी थी. वर्ष 2007 में इस तरह की मिसाइल का परीक्षण किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहल करके राजनीतिक इच्‍छा और साहस दिखाया. हमनें इसे पूरा किया और पूरी दुनिया को दिखा दिया है.

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    A-SAT मिसाइल ने लॉन्‍च के तीन मिनट में अंतरिक्ष में लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) में सैटेलाइट को मार गिराया. नायर ने कहा कि जिस तरह से देश विकास पर रहा है उस हिसाब से अंतरिक्ष क्षेत्र हमारे लिए महत्‍वपूर्ण है. हम प्रसारण और संचार के साथ ही राजमर्रा के मामलों में सैटेलाइट पर पूरी तरह से निर्भर हैं. अंतरिक्ष की सुरक्षा देश के लिए महत्‍वपूर्ण है.

    नायर ने कहा, 'अगर कोई हमारे सैटेलाइट को निशाना बनाता है और उन्‍हें तबाह कर देता है तो यह देश के लिए बड़ी तबाही होगी. हमें ऐसी स्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए. उन्‍होंने कहा, 'अगर हम एंटी सैटेलाइट मिसाइल से लैश रहेंगे तो लोग अंतरिक्ष में हमारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोचेंगे. यह दुनिया के लिए संदेश है कि हम एक अंतरिक्ष शक्ति हैं और उन्‍हें हमारे बारे में अच्‍छा सोचना चाहिए.

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    इसरो के पूर्व वैज्ञानिक और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित नंबी नारायणन ने इस उपलब्धि के लिए रक्षा क्षेत्र को बधाई दी और कहा कि देश ने एक प्रमुख उपलब्धि हासिल की है. उन्‍होंने कहा, 'डीआरडीओ जैसे संस्‍थाएं आमतौर पर अपनी उपलब्धियों की घोषणा नहीं करते हैं. यह देश के लिए बड़ी उपलब्धि थी, शायद इसलिए प्रधानमंत्री ने यह घोषणा की.

    नारायणन ने कहा कि 'मिशन शक्ति' ने देश को दुश्‍मन के खिलाफ कार्रवाई करने की क्षमता प्रदान की है. देश के लिए यह बड़ी उपलब्‍धी है. जी माधवन नायर ने कहा कि किसी भी देश को अंतरिक्ष के इस्‍तेमाल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए. उन्‍होंने कहा, 'हम अंतरराष्‍ट्रीय कानून के प्रति वचनबद्ध हैं और किसी भी अंतरराष्ट्रीय संधि का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं.

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