भारत की पाकिस्तान से अपील, बिना शर्त कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस दी जाए

भारत की पाकिस्तान से अपील, बिना शर्त कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस दी जाए
कुलभूषण जाधव

पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 3 मार्च 2016 को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को गिरफ्तार किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 16, 2020, 11:23 AM IST
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नई दिल्ली. भारत ने पाकिस्तान (Pakistan) से कहा है कि वो बिना किसी शर्त के जेल में कैद भारतीय नागरिक और पूर्व नौसेना ऑफिसर कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को काउंसलर एक्सेस दे. काउंसलर एक्सेस का मतलब है कि उन्हें भारत के राजनयिक या अधिकारी को जेल में उनसे मिलने की इजाजत देना. पिछले हफ्ते भारत ने कहा था कि वो इस मामले में कानूनी विकल्पों को टटोल रहा है.

दरअसल, पाकिस्तान ने दावा किया था कि सैन्य अदालत से मौत की सजा पाए जाधव ने पुनर्विचार याचिका दायर करने से इनकार कर दिया है. हालांकि, बाद में भारत के सख्‍त रुख के बाद पाकिस्‍तान पलट गया था. पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने कुलभूषण जाधव को मौत की सजा के खिलाफ अपील करने की अनुमति दे दी.

पिछले साल  कुलभूषण से मिले थे भारतीय अधिकारी
बता दें कि पिछले साल यानी 2 सितंबर 2019 को पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को पहली बार कॉन्सुलर एक्सेस (Consular Access) दिया था. उस वक्त इस्लामाबाद में भारत के उप उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया ने उनसे मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद भारत की ओर से कहा गया था कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव पर गलत बयान देने के लिए काफी दबाव बना रहा है. 2016 में हिरासत में लिए जाने के बाद जाधव तक भारत की ये पहली राजनयिक पहुंच थी.
अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) ने उन्हें कॉन्सुलर एक्सेस देने का आदेश दिया था. इसके बाद भारत ने एक बार फिर से कॉन्सुलर एक्सेस की मांग की थी. लेकिन बाद में पाकिस्तान ने मना कर दिया था.



आईसीजे ने सज़ा पर फिर से विचार करने के लिए कहा था
पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में जाधव को मौत की सज़ा सुनाई थी. इसके कुछ हफ्तों बाद भारत ने जाधव को दूतावास पहुंच नहीं दिये जाने और उसे सुनाई गई मौत की सजा को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में अपील की थी. आईसीजे ने तब पाकिस्तान को सजा पर अमल करने से रोक दिया था. हेग स्थित अदालत ने पिछले साल जुलाई में कहा था कि पाकिस्तान को जाधव को दोषी ठहराए जाने और सजा पर “प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार” करना चाहिए और बिना किसी देरी के उसे भारतीय दूतावास की पहुंच उपलब्ध करानी चाहिए.

केस में अब तक क्या हुआ?
कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की जेल में साल 2016 से हैं. पाकिस्तान आरोप लगाता है कि कुलभूषण जाधव एक जासूस है. हालांकि, भारत की ओर से इस दावे को कई बार नकारा जा चुका है. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 3 मार्च 2016 को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था. साल 2017 में भारत ने इस मामले को ICJ में उठाया. पिछले साल जुलाई में कोर्ट ने पाकिस्तान से कहा कि वो कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस (Consular Access) दे और फांसी की सजा पर फिर से विचार करे.
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