भारत ने COVID-19 से निपटने के लिए म्यांमार को ‘रेमडेसिवीर’ दवा की 3000 से अधिक शीशियां दी

सोमवार को म्यामां की नेता आंग सान सू ची को ‘रेमडेसिवीर’ दवा की 3000 से अधिक शीशियां सौंपी गईं (फाइल फोटो)
सोमवार को म्यामां की नेता आंग सान सू ची को ‘रेमडेसिवीर’ दवा की 3000 से अधिक शीशियां सौंपी गईं (फाइल फोटो)

‘रेमडेसिवीर’ (Remdesivir) का इस्तेमाल कोविड-19 (COVID-19) के इलाज के लिए किया जाता है. कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (US President Donald Trump) को भी यही दवा दी जा रही है

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ने पी ता. अपने पड़ोसी देश (Neighboring Country) की कोविड-19 (COVID-19) के खिलाफ लड़ाई में मदद करने के लिए सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (Army Chief General MM Naravane) और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने सोमवार को म्यांमार (Myanmar) की नेता आंग सान सू ची (Aung San Suu Kyi) को ‘रेमडेसिवीर’ दवा (Remdesivir medicine) की 3000 से अधिक शीशियां सौंपी. जनरल नरवणे और श्रृंगला रविवार को दो दिन की म्यांमार यात्रा (Myanmar Visit) पहुंचे, जिसका उद्देश्य रक्षा और सुरक्षा (Defense and Security) समेत अनेक क्षेत्रों में संबंधों का और विस्तार करना है.

भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने ट्वीट किया भारतीय सेना प्रमुख और विदेश सचिव (Foreign Secretary) ने म्यांमार में भारत के राजदूत (Ambassador of India to Myanmar) सौरभ कुमार के साथ सोमवार को सू ची के साथ मुलाकात की और महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों (Important bilateral issues) पर चर्चा की. उसने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई (Fight against COVID-19) में मित्रवत पड़ोसी म्यांमार की मदद करने के लिए भारत से सू ची को ‘रेमडेसिवीर’ दवा (Remdesivir medicine) की 3000 से अधिक शीशियां सौंपी.’’

कोरोना वायरस से संक्रमित अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को भी यही दवा दी जा रही है
‘रेमडेसिवीर’ का इस्तेमाल कोविड-19 के इलाज के लिए किया जाता है. कोरोना वायरस से संक्रमित अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को भी यही दवा दी जा रही है. जनरल नरवणे और श्रृंगला का दौरा ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब भारतीय सेना का पूर्वी लद्दाख में चीन की सेना के साथ सीमा पर गतिरोध जारी है तथा कोरोना वायरस महामारी के बीच विदेश यात्राओं पर पाबंदी भी लगी हुई है.
यह जनरल नरवणे की पिछले साल 31 दिसम्बर को सेना प्रमुख के रूप में कामकाज संभालने के बाद पहली विदेश यात्रा होगी.



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म्यांमार, भारत के रणनीतिक पड़ोसी देशों में से एक है जो उग्रवाद प्रभावित नगालैंड और मणिपुर समेत उत्तर पूर्व के कई राज्यों के साथ 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है.
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