S-400 मिसाइल डील पर बोले US एडमिरल: भारत-रूस संबंध प्रगाढ़, हमें समझना होगा

अमेरिकी एडमिरल ने भारत-रूस के संबंधों को पुराना और प्रगाढ़ बताया है.   (फोटो-AFP)

अमेरिकी एडमिरल ने भारत-रूस के संबंधों को पुराना और प्रगाढ़ बताया है. (फोटो-AFP)

एडमिरल जॉन एक्वीलिनो (John Aquilino) ने अमेरिका हिंद-प्रशांत कमान के अगले कमांडर के तौर पर अपने नाम की पुष्टि के लिए हुई सुनवाई में यह बात कही.

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  • Last Updated: March 26, 2021, 12:20 AM IST
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वाशिंगटन. अमेरिका के एक शीर्ष एडमिरल (US Admiral) ने सांसदों से कहा कि अमेरिका को यह समझने की जरूरत है कि सुरक्षा सहयोग और सैन्य साजो सामान के लिए भारत के रूस के साथ पुराने संबंध हैं. उन्होंने कहा कि बाइडन प्रशासन को एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली की खरीद को लेकर प्रतिबंधों की जगह नई दिल्ली को मॉस्को से विमुख करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. एडमिरल जॉन एक्वीलिनो (John Aquilino) ने अमेरिका हिंद-प्रशांत कमान के अगले कमांडर के तौर पर मंगलवार को अपने नाम की पुष्टि के लिए हुई सुनवाई में यह बात कही.

वह रूस से एस-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने के भारत के फैसले पर पूछे गए सीनेटर जीन शाहीन के सवाल का जवाब दे रहे थे. उल्लेखनीय है कि रूस से एस-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने के भारत के फैसले का अमेरिका विरोध करता रहा है और जब-तब प्रतिबंध लगाने जैसी बातें होती रहती हैं. शाहीन ने पूछा, ‘क्या हमें भारत पर प्रतिबंध लगाना चाहिए अगर वह रूस से एस-400 खरीदता है तो?’

'हमें यह समझना चाहिए कि हम भारत के साथ कहां खड़े हैं'

इस पर एक्वीलिनो ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह फैसला मैं नीति निर्माताओं पर छोड़ दूंगा. मुझे लगता है कि हमें यह समझना चाहिए कि हम भारत के साथ कहां खड़े हैं और मुझे लगता है कि विकल्प उपलब्ध कराने का कदम ज्यादा बेहतर है.’
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'भारत सच में एक शानदार साझीदार है'

उन्होंने कहा, ‘भारत सच में एक शानदार साझीदार है और जैसा कि हमने हाल की क्वाड वार्ता में देखा तो मुझे लगता है कि क्वाड में भारत और अन्य देशों की महत्ता बढ़ेगी. हमारे रिश्ते संतुलित हैं. हालांकि भारत के सुरक्षा सहयोग और सैन्य साजो सामान के लिए रूस के साथ पुराने संबंध हैं.’ एडमिरल ने कहा, ‘अगर मेरे नाम की पुष्टि होती है तो मैं भारत को अमेरिकी हथियार खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में काम करूंगा.’



सीनेटर डेब्रा फिश्चर के एक सवाल पर एक्वीलिनो ने कहा कि भारत ने चीन के साथ गतिरोध के बीच अपनी पूर्वोत्तर सीमा की रक्षा करने के लिए जो काम या प्रयास किया है, वह उल्लेखनीय है. अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस से एस-400 मिसाइल हवाई रक्षा प्रणाली खरीदने के लिए पांच अरब डॉलर का सौदा किया था.
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