भारत में तेजी से कम हुए कोविड-19 के आंकड़े, जानें कैसे मददगार साबित हुए लॉकडाउन

IIT कानपुर की एक स्टडी में पता चला है कि भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर अक्टूबर तक आ सकती है. (फाइल फोटो: Shutterstock)

IIT कानपुर की एक स्टडी में पता चला है कि भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर अक्टूबर तक आ सकती है. (फाइल फोटो: Shutterstock)

Lockdown in India: 19 से 25 अप्रैल के बीच हफ्ते में एक्टिव केस ग्रोथ रेट (Active Case Growth Rate) में 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. 26 अप्रैल से 2 मई के बीच ग्रोथ रेट 21.32 फीसदी पर थी, जो बीते हफ्ते गिरकर 9.71 प्रतिशत पर आ गई है.

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(संतोष चौबे)

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के कहर के बीच गिरते संक्रमण के मामलों ने एक बार फिर राहत दी है. कई दिनों से रोज मिल रहे मामलों की संख्या 4 लाख से ज्यादा बनी हुई थी. लेकिन बुधवार को भारत में कुल 3 लाख 48 हजार 421 नए मामले दर्ज किए गए. इस दौरान 4 हजार 205 लोगों की मौत हुई. कोरोना संक्रमण के मरीजों में आई कमी के चलते जानकार भी जिंदगियां बचाने के लिए उपचार और लॉकडाउन (Lockdown) के जरिए ट्रांसमिशन तोड़ने पर विचार कर रहे हैं.

लॉकडाउन ने दिखाए बेहतर नतीजे

अचानक मामलों में बढ़त के चलते राज्यों को लॉकडाउन का फैसला लेना पड़ा. 5 मार्च को महाराष्ट्र में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लागू की गई थीं. उस समय राज्य में 4 लाख 51 हजार 375 एक्टिव केस थे. यह आंकड़ा भारत के कुल एक्टिव मामलों का 60.85 फीसदी था. राज्य फिलहाल लॉकडाउन के दौर से ही गुजर रहा है और इसके अच्छे परिणाम भी नजर आ रहे हैं. एक ओर जहां राज्य में देश के आधे से ज्यादा एक्टिव केस दर्ज किए थे. वहीं, 20 मई को यह आंकड़ा गिरकर 16.50 प्रतिशत पर आ गया.

आंकड़े बताते हैं कि मार्च के दूसरे पखवाड़े से कोविड-19 मामलों में गंभीर बढ़त देखी गई थी.

इसी तरह दूसरी लहर की दस्तक के बाद दिल्ली के हाल भी खराब हुए थे. राजधानी 19 अप्रैल से ही लॉकडाउन में है. उस समय यहां 76 हजार 887 एक्टिव केस थे, जो एक मई को बढ़कर 96 हजार 747 पर पहुंच गए. लेकिन 10 मई को तेज गिरावट के साथ दिल्ली में 12 हजार 651 नए मामले मिले. राजधानी में एक्टिव केस की संख्या भी कम होकर 85 हजार 258 पर आ गई है.

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उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, तमिलनाडु, ओडिशा, राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और गोवा में लॉकडाउन जैसी कड़ी पाबंदियां लागू थीं. वहीं, पश्चिम बंगाल, पंजाब, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और असम में सामाजिक समारोह पर रोक, नाइट कर्फ्यू, सार्वजनिक जगहों पर गतिविधियों पर रोक और दिन में आंशिक कर्फ्यू जैसे कदम उठाए थे.

राज्यों के इन प्रयासों के भी अच्छे नतीजे नजर आए हैं. 19 से 25 अप्रैल के बीच हफ्ते में एक्टिव केस ग्रोथ रेट में 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. 26 अप्रैल से 2 मई के बीच ग्रोथ रेट 21.32 फीसदी पर थी, जो बीते हफ्ते गिरकर 9.71 प्रतिशत पर आ गई है. हर हफ्ते की औसतन दैनिक वृद्धि बताती है कि लॉकडाउन ने मामलों को रोकने में काफी मदद की है. 1 मार्च को दैनिक वृद्धि दर 1.68 प्रतिशत दर्ज की गई थी. यह आंकड़ा 5 से 11 अप्रैल के बीच बढ़कर 7.13 प्रतिशत पर पहुंच गया था. हालांकि, बीते हफ्ते के आंकड़े बताते हैं कि इस दर में लगातार गिरावट जारी है.


अक्टूबर में तीसरी लहर का अनुमान

IIT कानपुर की एक स्टडी में पता चला है कि भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर अक्टूबर तक आ सकती है. महामारी विशेषज्ञों का कहना है कि एक और बड़े संकट को रोकने का एक ही तरीका है कि अमेरिका, ब्रिटेन और इजरायल की तरह बड़े स्तर पर टीकाकरण किया जाए. हमें अप्रैल की तरह ही वैक्सीन प्रक्रिया को मजबूत करना होगा, लेकिन सप्लाई में आई कमी की वजह से यह खासी प्रभावित हुई है. अगर टीकाकरण के उपाय और मजबूत नहीं किए गए, तो संपूर्ण लॉकडाउन ही तीसरी लहर से बचने का एकमात्र तरीका होगा.

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