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भारत ने सिख्स फॉर जस्टिस की गतिविधियों से OHCHR को कराया अवगत, जानें

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय मुद्दों पर उचित समझ बननी चाहिए.’’ (ANI/25 Feb 2021)

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय मुद्दों पर उचित समझ बननी चाहिए.’’ (ANI/25 Feb 2021)

Sikhs For justice: ‘सिख्स फॉर जस्टिस या एसएफजे को भारत की सरकार ने गैर कानूनी संगठन घोषित किया है. एसएफजे देश विरोधी और विध्वंसक गतिविधियों में संलिप्त है.

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नई दिल्ली. खालिस्तान समर्थक समूह सिख्स फॉर जस्टिस से संयुक्त राष्ट्र (Sikhs for Justice) को चंदा मिलने की खबरों के बीच भारत ने शुक्रवार को कहा कि इसने मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त के कार्यालय (ओएचसीएचआर) को अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है और समूह की गतिविधियों के बारे में उन्हें जानकारी दी है.

इससे इतर अमेरिकी सीनेट विभाग की रिपोर्ट में भारत में मानवाधिकार के मुद्दे उठाने को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय मुद्दों पर उचित समझ बननी चाहिए.’’

एसएफजे को मिला संयुक्त राष्ट्र से चंदा?
यह पूछने पर कि सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) से संयुक्त राष्ट्र को ‘‘चंदा’’ मिला है, तो विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि जिनेवा में भारत के स्थायी दूतावास ने मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त के कार्यालय को एसएफजे की गतिविधियों से अवगत कराया है.
उन्होंने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘सिख्स फॉर जस्टिस या एसएफजे को भारत की सरकार ने गैर कानूनी संगठन घोषित किया है. एसएफजे देश विरोधी और विध्वंसक गतिविधियों में संलिप्त है और उसकी मंशा भारत की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता को तोड़ना है.’’





SFJ ने की थी इंक्वायरी कमीशन बनाने की मांग
भारत के खिलाफ गतिविधियों में शामिल खालिस्तानी संगठन SFJ ने एक विज्ञप्ति भेजकर मानवाधिकार आयुक्त से भारत के आंतरिक मामले में दखल देने की मांग की थी. SFJ ने भारत के किसान आंदोलन पर टिप्पणी करने के साथ लोगों की अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला देते हुए एक जांच आयोग बनाने की मांग भी की थी.

SFJ ने लिखा, 'भारत सरकार ने किसानों और उनके समर्थकों के खिलाफ राजद्रोह के मामले दर्ज किए हैं. किसानों के अधिकारों को समर्थन देने वालों के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है. ऐसे में उनके समर्थकों को भी खतरा है'.

सिख्स फॉर जस्टिस के नेता गुरवंत सिंह पन्नू  ने कहा, 'इस मामले की जांच के लिए उनका संगठन संयुक्त राष्ट्र समर्थित आयोग को सभी जरूरी खर्चों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है. हम जांच के दौरान संयुक्त राष्ट्र के निकाय को सबूत और गवाह बयान भी देंगे'.
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