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थाईलैंड में बोले PM मोदी- भारत ने अब एक ढर्रे और नौकरशाही वाली शैली से काम करना बंद किया

भाषा
Updated: November 3, 2019, 12:26 PM IST
थाईलैंड में बोले PM मोदी- भारत ने अब एक ढर्रे और नौकरशाही वाली शैली से काम करना बंद किया
पीएम मोदी ने थाइलैंड में आदित्य बिड़ला समूह की उपस्थिति की स्वर्ण जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया

पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा, ‘मैं सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि भारत आज निवेश के लिए दुनिया की सबसे आकर्षक अर्थव्यवस्थाओं में है. भारत (India) एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है और हमने नौकरशाही वाली शैली से काम करना बंद कर दिया है.’

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बैंकॉक. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भारत को एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में पेश करते हुए कहा है कि अब हम एक ढर्रे से चलने वाला देश नहीं हैं. रविवार को यहां उद्योग जगत के दिग्गजों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत (India) एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है और हमने नौकरशाही वाली शैली से काम करना बंद कर दिया है.’ पीएम मोदी तीन दिवसीय की थाईलैंड (Thailand) यात्रा पर हैं.

पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा, ‘ हमने कराधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया है. भारत में अनुकूल कर व्यवस्था है.’’ उन्होंने कर व्यवस्था में किसी गड़बड़ी को रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र किया. मोदी ने थाइलैंड में आदित्य बिड़ला समूह की उपस्थिति की स्वर्ण जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में अब कर आकलन की ऐसी व्यवस्था शुरू की गई है जिसमें करदाता को कर अधिकारी का आमना-सामना करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘ इस तरह की ‘फेसलेस’ कर आकलन की व्यवस्था से किसी तरह के उत्पीड़न या गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होगी.’

‘जीवनस्तर सुधर रहा और उत्पादकता बढ़ रहा है’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज के भारत में मेहनत से काम करने वाले करदाता के योगदान को सराहा जाता है. एक ऐसा क्षेत्र जहां हमने काफी काम किया है, वह है कराधान. मुझे खुशी है कि आज भारत में दुनिया की सबसे अनुकूल कर व्यवस्था है. हम इसमें और सुधार करने को प्रतिबद्ध हैं.’ पीएम मोदी ने निवेशकों से कहा कि यह भारत आने का सबसे अच्छा समय है. ‘आज भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ रहा है, कारोबार करने की स्थिति सुगम हो रही है, जीवनस्तर सुधर रहा है और उत्पादकता बढ़ रही है. वहीं दूसरी ओर कर दरें, लालफीताशाही, भ्रष्टाचार और साठगांठ का पूंजीवाद घट रहा है.’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि भारत आज निवेश के लिए दुनिया की सबसे आकर्षक अर्थव्यवस्थाओं में है. पिछले पांच बरसों में भारत को 286 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मिला है. यह पिछले 20 साल में देश में आए विदेशी निवेश का करीब आधा है.’’

पीएम मोदी तीन दिवसीय की थाइलैंड यात्रा पर हैं.


‘5 साल में सकल घरेलू उत्पाद 3,000 अरब डॉलर पहुंचा’
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प्रधानमंत्री ने भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘‘2014 में जब मेरी सरकार ने सत्ता संभाली थी तो देश का सकल घरेलू उत्पाद 2,000 अरब डॉलर था. 65 साल में 2,000 अरब डॉलर है. लेकिन सिर्फ पांच साल में हमने इसे 3,000 अरब डॉलर पर पहुंचा दिया.’’

पीएम मोदी ने डीबीटी योजना का किया जिक्र
प्रधानमंत्री शनिवार को यहां आसियान-भारत, पूर्वी एशिया और आरसीईपी सम्मेलनों में भाग लेने आए हैं. मोदी ने कहा कि पिछले पांच साल में भारत के विभिन्न क्षेत्रों ने सफलता की कई कहानियां देखी हैं. इसका वजह सिर्फ सरकारें नहीं हैं. भारत ने अब एक ढर्रे और नौकरशाही वाली शैली से काम करना बंद कर दिया है. प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इससे बिचौलियों और अक्षमता की संस्कृति समाप्त हुई है. प्रधानमंत्री ने थाइलैंड के उद्योगपतियों को भारत की सफलता की कहानी का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया.

उन्होंने कहा, ‘आप निवेश और सुगमता से कारोबार के लिए भारत आएं. नवोन्मेषण और शुरुआत करने के लिए हमारे देश आएं. आप दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों और हमारे लोगों की मेहमाननवाजी देखने के लिए भारत हैं. भारत खुले दिल से आपका स्वागत करने को तैयार है.’ उन्होंने कहा कि जब भारत समृद्ध होगा, तो दुनिया भी समृद्ध होगी. भारत के विकास के लिए हमारे दृष्टिकोण से धरती भी बेहतर हो सकेगी.

पीएम मोदी ने 20 मिनट दिया भाषण
पीएम मोदी ने अपने 20 मिनट के संबोधन में भारत के कुशल
श्रमबल का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं जिस बात से सबसे अधिक गौरान्वित महसूस करता हूं, वह है हमारी कुशल श्रम पूंजी. यही वजह है कि आज भारत में दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र है.’

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों से गहरे संबंधों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘‘अपनी ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत हम इस क्षेत्र से संपर्क बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि थाइलैंड के पश्चिमी तट तथा भारत के पूर्वी तट के बंदरगाहों के बीच सीधे संपर्क से हमारी आर्थिक भागीदारी और मजबूत हो सकेगी.

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First published: November 3, 2019, 12:26 PM IST
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