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15 अगस्त को भारत ही नहीं, आजाद हुए थे दुनिया के तीन और देश, नाम सुन रह जाएंगे दंग

 अंग्रेजों की 200 सालों की गुलामी के बाद भारत को आखिरकार आजादी तो मिल गई, लेकिन क्‍या आपको पता है 15 अगस्‍त की तारीख को केवल भारत ही नहीं बल्‍कि दुनिया के तीन और देशों को आजादी मिली थी।

अंग्रेजों की 200 सालों की गुलामी के बाद भारत को आखिरकार आजादी तो मिल गई, लेकिन क्‍या आपको पता है 15 अगस्‍त की तारीख को केवल भारत ही नहीं बल्‍कि दुनिया के तीन और देशों को आजादी मिली थी।

अंग्रेजों की 200 सालों की गुलामी के बाद भारत को आखिरकार आजादी तो मिल गई, लेकिन क्‍या आपको पता है 15 अगस्‍त की तारीख को केवल भारत ही नहीं बल्‍कि दुनिया के तीन और देशों को आजादी मिली थी।

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    नई दिल्ली। अंग्रेजों की 200 सालों की गुलामी के बाद भारत को आखिरकार आजादी तो मिल गई, लेकिन क्‍या आपको पता है 15 अगस्‍त की तारीख को केवल भारत ही नहीं बल्‍कि दुनिया के तीन और देशों को आजादी मिली थी। ये तीन देश थे। दक्षिण कोरिया, बहरीन, और कांगो। दरअसल, दुनिया के अलग-अलग जगह बसे इन देशों को भी आजादी इसी दिन मिली। इसमें दक्षिण कोरिया को 15 अगस्‍त 1945 में जापान से आजादी मिली, जबकि बहरीन को 15 अगस्‍त 1971 को ब्रिटेन से वहीं दूसरी ओर 15 अगस्‍त 1960 को ही फ्रांस ने कांगो को आजाद किया।

    यही नहीं इसमें भी बड़ी चौंकाने वाली बात यह है कि ब्रिटेन तो भारत को 1947 को नहीं बल्‍कि उसके अगले साल 1948 में आजाद करना चाहता था, लेकिन महात्‍मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन से अंग्रेज इतने परेशान हो चुके थे कि उन्‍होंने भारत को एक साल पहले ही यानी की 15 अगस्‍त 1947 को ही आजाद करने के विचार पर फैसला ले लिया।

    इसके अलावा भारत में आजादी को लेकर जंग ने आर-पार की कोशिश सन् 1930 से ही शुरू हो गई जब 1929 लाहौर सत्र में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज घोषणा, या "भारत की आजादी की घोषणा" का प्रचार किया और 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में घोषित किया।

    कांग्रेस ने भारत के लोगों से सविनय अवज्ञा करने के लिए स्वयं प्रतिज्ञा करने व पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्ति तक समय-समय पर जारी किए गए कांग्रेस के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा। इस तरह के स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन भारतीय नागरिकों के बीच राष्ट्रवादी ईधन झोंकने के लिए किया गया व स्वतंत्रता देने पर विचार करने के लिए ब्रिटिश सरकार को मजबूर करने के लिए भी किया गया।

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